वायरल फीवर के मरीजों की संख्या सबसे अधिक, डेंगू की आधी
एक जैसे लक्षण और प्लेटलेट्स की कमी से भ्रम में मरीज
डेंगू, वायरल फीवर और टाइफाइड के तिहरे हमले ने शहरवासियों को बेहाल कर दिया है। उप जिला अस्पताल के वार्डों के बेड बुखार के मरीजों से भरे पड़े हैं। डेंगू ही नहीं वायरल और टाइफाइड के मरीजों को भी स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है। खासकर डेंगू और वायरल के लक्षण एक जैसे हैं, दोनों ही मरीजों के खून में प्लेटलेट्स की संख्या भी कम हो रही है। इससे मरीजों और उनके तीमारदारों में संक्रमण को लेकर भ्रम पैदा की स्थिति है।
उप जिला अस्पताल में 500 मरीज रोजाना उपचार के लिए आ रहे हैं। इसमें से करीब 250 से 270 मरीज बुखार से पीड़ित है। अब तक 55 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। रोजाना छह से 10 मरीजों में डेंगू संक्रमित मिल रहे है। डेंगू संक्रमितों से दोगुनी संख्या वायरल फीवर के मरीजों की है, रोजाना 20 से 25 लोग वायरल फीवर से ग्रस्त पाए जा रहे, जबकि टाइफाइड के भी रोजाना पांच से छह मरीज मिल रहे हैं।
अस्पताल के तीनों वार्ड के हर बेड पर डेंगू, वायरल या टाइफाइड का मरीज भर्ती है। पैथोलॉजिस्ट डॉ. राजेंद्र शर्मा ने बताया कि वायरल फीवर के आठ से 10 मरीजों की प्लेटलेट्स भी कम मिल रही है। उन्होंने बताया वायरल फीवर में प्लेटलेट्स कम होने पर मरीज को घबराने की जरूरत नहीं है। बताया कि वायरल फीवर में प्लेटलेट्स कम होती है, लेकिन इस स्तर तक नहीं कि उससे खतरा पैदा हो जाए। उन्होंने कहा कि एलाइजा जांच से ही डेंगू की पुष्टि होती है। कहा कि अगर मरीज की रैपिड एंटीजन जांच पॉजिटिव है तो उसको एलाइजा जांच करवानी चाहिए।