परिवहन विभाग ने शुक्रवार को आईएसबीटी के पास पांच डग्गामार बस पकड़ीं। इनमें लखीमपुर खीरी के लिए सवारियां भरकर ले जाई जा रही थीं। ऐसी ही दो बसें पीलीभीत और एक बस दिल्ली के लिए अवैध तौर पर सवारियां भरकर ले जा रही थी। इन आठों बस को सीज कर दिया गया है।
यह पहला मौका नहीं है, इससे पहले भी कई बार बगैर परमिट के सवारियों को ले जाती डग्गामार बस को पकड़ा गया, लेकिन हर बार यह बस जुर्माना देकर फिर सड़कों पर दौड़ने लगती हैं। यही वजह है कि उप्र से लेकर दिल्ली और आसपास के लिए चलने वाली डग्गामार बस का बेड़ा कभी छोटा नहीं पड़ता। इन बस से रोडवेज को बड़ा नुकसान हो रहा है। परिवहन निगम इसके लिए पत्राचार भी कर चुका है, लेकिन डग्गामार बस पर कोई रोक नहीं लग पा रही है।
डग्गमार बस के संचालन का देहरादून में बड़ा रैकेट है। यही वजह है कि परिवहन सचिव के आदेश के बाद भी इनका संचालन बंद नहीं हो पा रहा है। इससे परिवहन विभाग की भूमिका को लेकर भी सवाल उठते रहते हैं।
Iरोडवेज यूनियन भी विरोध मेंI
उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी यूनियन की ओर से मुख्य सचिव को पत्र लिखकर डग्गामार बस के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा चुकी है। यूनियन ने कहा था कि डग्गामार बस की ओर से अवैध बस अड्डा चलाया जा रहा है। यात्रियों के साथ छल-कपट, अवैध दस्तावेज के साथ डग्गामार बस का संचालन और बस के बॉडी स्ट्रक्चर में नियम विरुद्ध बदलाव कर यात्रियों की जान जोखिम में डाली जा रही है। कहा, डग्गामार बस के लिए आनलाइन टिकट बुकिंग सेवा पर रोक लगाई जाए।
Iकॉलोनी के पास अवैध बस अड्डाI
हरिद्वार बाईपास से डग्गामार बस का संचालन करने का विरोध स्थानीय लोग भी कर चुके हैं। इंद्रलोक विहार विकास सोसाइटी के निवासी अवैध बस संचालन के खिलाफ कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दे चुके हैं। सोसाइटी के सचिव नित्यानंद जोशी ने प्रशासन व परिवहन विभाग को पत्र भेजकर आरोप लगाया था कि पूरा दिन कॉलोनी के बाहर से अवैध बस का संचालन किया जाता है। यहां अवैध रूप से बस अड्डा बना दिया गया है।
Iकेस एक-I
गुरुग्राम व फरीदाबाद से सवारी लेकर दून आई तीन बस को पकड़ा गया। इनमें एक बस बिना नंबर की शामिल थी। इन तीनों बस को परिवहन विभाग के सुपुर्द किया गया। आरोप लगा कि परिवहन विभाग ने तीनों को बिना कार्रवाई छोड़ दिया।
Iकेस दो-I
पुलिस और परिवहन निगम की संयुक्त टीम ने रिस्पना पुल स्थित अवैध बस अड्डे पर छापा मारकर परिवहन नियमों का उल्लंघन कर रही 10 बस को पकड़ा था। एक हफ्ते बाद भी प्रवर्तन टीम ने बस के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो नाराज परिवहन निगम कर्मचारियों ने मुख्य सचिव को पत्र लिखा। आरोप लगाया कि परिवहन विभाग की टीम ने न तो बस का निरीक्षण किया और न ही इन बस पर एमवी एक्ट के तहत कार्रवाई की।
Iकेस तीन-I
दून से दिल्ली और आगरा के लिए संचालित तीन डग्गामार निजी बस को परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीम ने सीज किया। हरिद्वार बाईपास से इन बस का संचालन हो रहा था। पता चला कि आईएसबीटी के पास हरिद्वार बाइपास से रोजाना अवैध रूप से निजी बस संचालित हो रही हैं। ये बस दिल्ली, आगरा, फरीदाबाद समेत गुरूग्राम, जयपुर, गोरखपुर, लखनऊ व कानपुर के लिए संचालित होती हैं।
Iबगैर परमिट के संचालित होने वाली बस के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जाती है। यह बता पाना संभव नहीं है कि गत वर्षों में कितनी ऐसी बस पर कार्रवाई हुई, लेकिन जब भी सूचना मिलती है, इन बस का चालान या सीज किया जाता है। बस के संचालक जुर्म के अनुरूप निर्धारित जुर्माने का भुगतान करते हैं। सीज से अधिक कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती है।- शैलेश तिवारी, आरटीओ प्रवर्तनI