फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Dehradun News: विकासनगर में दिनभर घंटों और जयकारों की आवाज से गुंजायमान रहे मंदिर परिसर

विज्ञापन
विज्ञापन
चैत्र नवरात्र के पहले दिन जौनसार बावर और पछवादून में माता के मंदिरों में दर्शन और पूजन के लिए भक्तों की काफी भीड़ उमड़ी। मंदिरों और घरों में विधि-विधान के साथ घट की स्थापना की गई। भक्तों ने मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री का पूजन किया। मंदिरों के परिसर दिनभर घंटो और जयकारों की आवाज से गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने दिनभर उपवास रख माता का भजन किया।
विज्ञापन




मंगलवार को चैत्र नवरात्र को लेकर भक्तों में उत्साह रहा। सुबह उपवास के संकल्प के साथ लोगों ने घरों में शुभ और अभिजीत मुहूर्त में घट की स्थापना की। मंदिरों में भी घट स्थापना की गई। इसके बाद श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया। विकासनगर स्थित काली मंदिर, सनातन धर्म मंदिर, भोजावाला स्थित दुर्गा मंदिर, कैनाल रोड स्थित प्राचीन गणेश मंदिर, गुडरिच स्थित हनुमान मंदिर, सहारनपुर रोड स्थित वैष्णो देवी मंदिर सहित अन्य मंदिरों में दिनभर दर्शन और पूजन के लिए भक्त पहुंचते रहे।

काली माता मंदिर के पुजारी पंडित मनोज पैन्यूली ने बताया कि चैत्र नवरात्र में पूरी श्रद्धा के साथ उपवास रख माता के पूजन से विशेष लाभ मिलता है। माता के अपने भक्तों के समस्त कष्टों को दूर करती हैं।
विज्ञापन




कालसी के महाकाली मंदिर में भी भक्ताें ने मां की पूजा-अर्चना की। उधर, सेलाकुई स्थित बाला सुंदरी, सुद्धोवाला स्थित डाटकाली, धूलकोट स्थित ज्वाला माता, सेलाकुई स्थित शाकुंभरी देवी, हरिपुर स्थित मां वैष्णो देवी मंदिर में दिनभर भक्तों का तांता लगा रहा है। मंदिरों में शाम को भजन संध्या आयोजित की गई। ज्वाला मंदिर के पुजारी पंडित पंकज गोदियाल ने बताया कि चैत्र मास में माता का पूजन, उपवास और भजन करने वालों पर उनकी विशेष कृपा रहती है।





इन्सेट

आज मां ब्रह्मचारिणी की होगी पूजा

मां दुर्गा का दूसरा स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी हैं। आज यानी बुधवार को उनकी पूजा-अर्चना की जाएगी। मान्यता है कि मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से मनुष्य में सदाचार, संयम और तप जैसे गुणों में वृद्धि होती है। मनुष्य किसी भी विकट परिस्थिति का डटकर सामना करने में सक्षम होता है। मां की कृपा से जीवन में सफलता और नव सिद्धियां प्राप्त होती हैं।

-



ऐसे करें माता का पूजन

मां ब्रह्ममचारिणी को फूल, अक्षत, रोली और चंदन चढ़ाएं। माता को पंचामृत और मिठाई का भोग लगाकर पान, सुपारी, लौंग अर्पित करें। उसके बाद ‘या देवी सर्वभूतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।। दधाना कपाभ्यामक्षमालाकमण्डलू। देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा’ मंत्र का जाप और फिर आरती के साथ पूजन का समापन करें।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें