डीएवी पीजी कॉलेज की दीवार गिरने से हुई युवती की मौत के बाद से आंदोलन कर रहे छात्रों ने आंदोलन रोक दिया है। महाविद्यालय प्रबंधन के साथ वार्ता में 21 दिन में मांगों पर कार्रवाई पर सहमति बनी। प्रबंध तंत्र के सचिव की ओर से तीन सदस्यीय समिति का गठन कर छात्र संघर्ष समिति की सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया गया है।
बीती 19 अक्तूबर की देर रात दीवार गिरने से सुष्मिता तोमर की मौत के बाद छात्र प्राचार्य के इस्तीफे समेत छह सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे। रविवार को छात्रों से जांच समिति के सदस्य एके नारंग व प्रो. आरके मेहता ने विस्तार से वार्ता की। उन्होंने आश्वासन देते हुए कहा, छात्र संघर्ष समिति की सभी मांगों को जल्द पूरा किया जाएगा। वहीं, प्रदर्शनकारी छात्रों ने चेतावनी दी कि 21 दिन के भीतर सभी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो संघर्ष समिति फिर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। प्रदर्शन करने वाले छात्रों में गौरव तोमर, सौरभ रावत, आकिब अहमद, सिद्धार्थ, करन नेगी, अनुज, गोविंद आदि मौजूद रहे।
Iयह हैं मांगें
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I- डीएवी पीजी कॉलेज के प्राचार्य को निष्कासित कर नए प्राचार्य की नियुक्ति की जाए।
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I- महाविद्यालय की सभी कमेटियों को भंग किया जाए।
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I- प्राचार्य, रख-रखाव के प्रभारी और उनके साथियों पर सुष्मिता की हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया जाए।
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I- सुष्मिता के परिजनों को मुआवजा दिया जाए।
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I- कॉलेज प्रशासन में सुष्मिता के भाई को सरकारी नौकरी दी जाए।
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I- महाविद्यालय की सभी जर्जर दीवारों और इमारतों को तत्काल सही किया जाए।I