तेलपुरा स्थित हनुमत धाम मंदिर प्रांगण में चल रही सात दिवसीय श्रीराम कथा के पांचवें दिन कथा व्यास पंडित गणेश आनंद मिश्रा ने भगवान राम के वन जाने की कथा सुनाई। कहा कि कैकेयी ने राजा दशरथ से दो वरदान के बदले राम को चौदह वर्ष का वनवास और भरत को अयोध्या का राजा बनाने की मांग रख दी। उन्होंने कहा कि राजा दशरथ को कैकेयी की इच्छा जानकर काफी दुख हुआ। जब इसका पता भगवान राम को चला तो वह माता-पिता के आदेश को मानकर वनवास जाने लगे। राम को वनवास जाता देख लक्ष्मण भी वनवास जाने की जिद करने लगे। मां सुमित्रा के आदेश पर भगवान राम लक्ष्मण को साथ ले जाने के लिए तैयार हुए। भगवान राम के साथ सीता माता ने वन के लिए प्रस्थान किया। भगवान के वन गमन की कथा सुनकर श्रोता भावुक हो गए। इस मौके पर कविता छेत्री, ममता असवाल, पूनम थापा, सौभा नेगी, मीना राणा, सुखदेव फर्स्वाण, संगीता भट्ट आदि उपस्थित रहे।