एसटीएफ ने एक और फर्जी शस्त्र लाइसेंस पकड़ा है। आरोपी ने यह लाइसेंस अमृतसर पंजाब से जारी होना दर्शाया और एनओसी के आधार पर देहरादून में पंजीकृत करा लिया। एसटीएफ की ओर से शनिवार को क्लेमेंटटाउन के रहने वाले अमित यादव के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है। करीब ढाई महीने में यह दूसरा लाइसेंस है जो जांच में फर्जी पाया गया है। इससे पहले एक आरोपी ने हरियाणा के हिसार का फर्जी शस्त्र लाइसेंस देहरादून में पंजीकृत कराया था। एसओ क्लेमेंटटाउन मोहन सिंह ने बताया कि एसटीएफ ने पहले 16 जनवरी को पहला मामला पकड़ा था। इसके बाद एजेंसी के पास एक और गोपनीय प्रार्थनापत्र आया। इसमें क्लेमेंटटाउन के रहने वाले अमित यादव के पास फर्जी शस्त्र लाइसेंस होने की शिकायत की थी। एसटीएफ ने जांच की तो पता चला कि लाइसेंस अमृतसर के सिटी मजिस्ट्रेट की ओर से 2013 में जारी किया गया है। इसके बाद वर्ष 2017 में अमृतसर की एनओसी के आधार पर इसे देहरादून में पंजीकृत करा लिया। इस पर एसटीएफ ने अमृतसर जिला मजिस्ट्रेट से पत्राचार किया तो पता चला कि यह लाइसेंस अमित यादव के नहीं बल्कि अमृतसर के ही एक गांव निवासी व्यक्ति के नाम पर दर्ज है। पुलिस ने आरोपी अमित यादव के पहले दर्ज पते पर दबिश दी तो वह वहां नहीं मिला। इसके बाद दूसरे पते पर उसकी जानकारी मिली। एसओ ने बताया कि एसटीएफ इंस्पेक्टर अबुल कलाम की ओर से दी शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपी की तलाश की जा रही है। इसके साथ ही शस्त्र लाइसेंस को देहरादून जिले से हटाने के लिए देहरादून जिला मजिस्ट्रेट को भी पत्र लिखा जा रहा है।