माय सिटी रिपोर्टर देहरादून राज्य में संचालित सभी सार्वजनिक वाहनों का रोड टैक्स दो साल के लिए माफ करने के साथ ही चालकों परिचालकों को 15 हजार रुपए की आर्थिक मदद देने की मांग को लेकर उत्तराखंड परिवहन महासंघ ने आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। महासंघ की आपात बैठक में पदाधिकारियों ने सरकार, शासन से मांग की कि कोरोना संकट के इस दौर में सरकार, शासन को सार्वजनिक वाहन संचालकों की मदद के लिए आगे आना चाहिए। सरकार को ना सिर्फ सार्वजनिक वाहनों का दो साल का रोड टैक्स माफ करना चाहिए, वरन आर्थिक संकट की मार झेल रहे चालकों परिचालकों को भी 15 हजार रुपए की आर्थिक मदद करनी चाहिए। जिसके लिए सरकार को अलग से आर्थिक पैकेज की घोषणा करनी चाहिए। महासंघ पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों को स्वीकार नहीं किया तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उत्तराखंड परिवहन महासंघ अध्यक्ष सुधीर राय की अध्यक्षता में हुई बैठक में तमाम यूनियनों के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार ने सभी चालकों परिचालकों को एक एक हजार रुपए के आर्थिक मदद देने की घोषणा की थी। लेकिन आज तक आर्थिक मदद नहीं मिल पाई है। इतना ही नहीं बैठक के दौरान पदाधिकारियों ने भी मुद्दा उठाया कि जिन वाहनों का 31 मार्च 2020 के पहले पंजीकरण हुआ है उनके रोड टैक्स को लेकर शून्य सत्र घोषित किया जाए। ऐसी सभी गाड़ियों की आयु दो साल के लिए बढ़ाई जाए। इतना ही नहीं महासंघ की आपात बैठक में वाहन संचालकों ने मांग उठाई कि यूपी की तर्ज पर उत्तराखंड में भी सभी गाड़ियों को पूरी यात्री क्षमता के साथ संचालित करने की अनुमति दी जाए। पदाधिकारियों ने कहा कि साल 2013 में आई प्राकृतिक आपदा के दौरान सरकार ने सार्वजनिक वाहन संचालकों के रोड टैक्स माफी का फैसला लिया था ।उसी की तर्ज पर अब कोरोना संकट के दौर में भी सरकार को मदद के लिए आगे आना चाहिए। महासंघ की आपात बैठक में देहरादून सिटी बस सेवा महासंघ के अध्यक्ष विजय वर्धन डंडरियाल, टैक्सी यूनियन अध्यक्ष विजयपाल सिंह, टैक्सी मैक्सी महासंघ के संरक्षक संजय चोपड़ा, पंचपुरी ऑटो यूनियन महासंघ के अध्यक्ष पवन अरोड़ा, आदेश पंडित, सुनील कुमार, जावेद अंसारी, बलबीर सिंह, आदेश चौहान, विजय सारस्वत, टेंपो महासंघ के अध्यक्ष मनोज ध्यानी, राजेश कश्यप, भगवान सिंह राणा, महावीर बहुगुणा, नवीन चंद रमोला, बलबीर सिंह रौतेला, प्यार सिंह, बलबीर सिंह नेगी, वीरेंद्र कंडारी, हरीश पंडित समेत कई यूनियनों के अध्यक्ष व पदाधिकारी उपस्थित थे