I
I
I
I- देर रात मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद धरना समाप्त हुआ।I
विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास पहुंचे राज्य आंदोलनकारियों की पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक हुई। महिला आंदोलनकारियों के साथ धक्का-मुक्की का भी आरोप है। आक्रोशित राज्य आंदोलनकारी सीएम आवास के बाहर धरने पर बैठ गए। देर रात सीएम से मुलाकात के बाद धरना समाप्त हुआ।
रविवार को चिह्नित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति, उत्तराखंड आंदोलनकारी मंच और उत्तराखंड महिला मोर्चा सहित अन्य संगठन से जुड़े राज्य आंदोलनकारी सुबह दिलाराम चौक पर एकत्र हुए। हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए सीएम आवास पर पहुंचे।
भीड़ देखकर वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने सभी को बाहर रोक दिया। राज्य आंदाेलनकारियों ने इसका विरोध किया तो आरोप है कि पुलिस ने महिला राज्य आंदोलनकारियों के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। जिसके बाद आंदोलनकारी नारेबाजी करते हुए सीएम आवास के गेट पर बैठ गए।
सीएम आवास से दोपहर एक बजे प्रतिनिधि मंडल से मुलाकात करने के लिए बुलावा भेजा गया। आरोप है कि वार्ता के लिए बुलाए जाने के बाद भी मुलाकात नहीं हुई। फिर शाम छह बजे मुख्यमंत्री से मुलाकात का समय दिया दिया। आरोप है कि उस समय भी मुख्यमंत्री से राज्य आंदोलनकारियों की बात नहीं हो सकी। जिसके बाद उनका गुस्सा बढ़ता चला गया।
हालांकि बाद में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात हुई। जिसके बाद जाकर राज्य आंदोलनकारियों का धरना समाप्त हुआ। इस दौरान चिह्नित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के केंद्रीय मुख्य संरक्षक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री धीरेंद्र प्रताप, जगमोहन सिंह नेगी, प्रदीप कुकरेती, डॉ. विजेंद्र पोखरियाल, सावित्री नेगी, कमला पांडे, सुनीता ठाकुर आदि मौजूद रहे।
Iराज्य आंदोलनकारियों ने बताया इसे काला दिनI
राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के केंद्रीय मुख्य संरक्षक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि राज्य आंदोलनकारियों के लिए यह काला दिन है। मुख्यमंत्री आवास के बाहर राज्य आंदोलकारियों के साथ जो हुआ वह गलत है। मुख्यमंत्री ने आंदोलनकारियों का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि 10 फीसदी क्षैतिज आरक्षण, दिल्ली सहित देशभर में वंचित आंदोलनकारियों का चिह्नीकरण, मूलनिवास और भू-कानून जब तक लागू नहीं हो जाता, राज्य आंदोलनकारियों की मांग जारी रहेगी।