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I- छावनी परिषद और व्यापारियों के बीच हुई बैठकI
छावनी परिषद और स्थानीय व्यापारियों के बीच गतिरोध समाप्त हो गया है। छावनी परिषद के अध्यक्ष ने मुख्य अधिशासी अधिकारी को आगे से आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, व्यापारियों से भी नियमों का उल्लंघन न करने की अपील की। मुख्य अधिशासी अधिकारी ने कहा कि पहले से बने भवनों के भीतर मरम्मत और बदलाव से संबंधित कार्य के लिए छावनी परिषद की अनुमति की जरूरत नहीं है।
बीते एक मार्च को बस स्टैंड के पास एक दुकान का निर्माण हटाने के लिए पहुंची छावनी परिषद और स्थानीय व्यापारियों के बीच विवाद हो गया था। इस दौरान व्यापारियों ने छावनी परिषद पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए अनिश्चितकालीन बाजार बंदी कर दी थी। हालांकि एसडीएम योगेश मेहरा के आश्वासन पर व्यापारी मान गए थे। मामले में परिषद अध्यक्ष ने अधिकारियों और व्यापारियों के बीच अपनी मध्यस्थता में विवाद सुलझाने की बात कही थी।
बुधवार को बोर्ड सभागार में बैठक आयोजित की गई। अध्यक्ष ब्रिगेडियर एलिन देब साहा ने व्यापारियों और छावनी परिषद का पक्ष सुना। उन्होंने बोर्ड के अधिकारियों से आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिशासी अधिकारी आरएन मंडल ने बताया कि जिस दुकान को लेकर गतिरोध पैदा हुआ था, वह गिरासू श्रेणी में है। बताया कि परिषद की ओर से गठित तकनीकी टीम की रिपोर्ट पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि दुकान और उसके नीचे स्थित कमरों की अनुमति के बाद ही मरम्मत करवाई जाएगी। कहा कि छावनी परिषद में भवन मरम्मत के लिए म्यूटेशन के बाद बिल्डिंग प्लान के अनुसार अनुमति देने का प्रावधान है, लेकिन चकराता में म्यूटेशन में कुछ समस्याएं आ रही है। कहा कि इसे जल्द सुलझाने के लिए प्रिंसिपल डायरेक्टर को लिखा जाएगा।
बैठक में नामित सदस्य अनिल चांदना, पूर्व उपाध्यक्ष छावनी परिषद पंकज जैन, पूर्व सदस्य नैन सिंह राणा, अमित जोशी, सुनील जैन, सेवानिवृत्त कैप्टन चेतन, लेफ्टिनेंट कर्नल सचिन रावत, कार्यालय अधीक्षक संदीप जोशी, राजस्व अधीक्षक शेखर धीमान आदि उपस्थित रहे।