सेलाकुई। निगम रोड में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथा व्यास मनोज मोहन नौटियाल ने भगवान श्रीकृष्ण के विवाह का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का विवाह केवल एक सांसारिक घटना नहीं, बल्कि भक्तों को जीवन में प्रेम, त्याग और समर्पण का संदेश देने वाली दिव्य लीला है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने सत्य और धर्म की रक्षा के लिए कई विवाह किए, जिससे यह संदेश मिलता है कि प्रेम में स्वार्थ नहीं, बल्कि त्याग होता है। कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि यह भगवान का साक्षात स्वरूप है। इसे सुनने और समझने से मनुष्य का हृदय शुद्ध होता है और जीवन में आध्यात्मिक प्रकाश का संचार होता है। इस मौके पर अरुण पाल, मनीता, नीलू, नरेंद्र, अरुण, धूम सिंह, सुलोचना आदि उपस्थित रहे। संवाद