चकराता वन प्रभाग की कनासर रेंज में अवैध कटान की जांच को लेकर रेंज के अधिकारी गंभीर नहीं हैं। करीब 15 दिन बीत जाने पर भी कोटी कनसार में बगीचे में मिले देवदार के 52 स्लीपर मामले की जांच रिपोर्ट रेंज अधिकारी ने सहायक वन संरक्षक को नहीं सौंपी है। सहायक वन संरक्षक ने रेंज अधिकारी को पत्र भेज कर शीघ्र रिपोर्ट देने को कहा है।
बीती 17 अक्तूबर को चकराता वन प्रभाग के कोटी कनासर स्थित एक बगीचे में प्रतिबंधित प्रजाति देवदार के 52 स्लीपर मिले थे। जिस पर सहायक वन संरक्षक चकराता वन प्रभाग ने कनासर रेंज के रेंज अधिकारी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। जांच में कनासर बीट में तीन पेड़ काटे जाने और माफी का घन लगे मिले थे, लेकिन दस्तावेजों में घन और पेड़ों का मिलान नहीं हो सका था।
वन एवं पर्यावरण प्रेमी प्रताप सिंह, विकेश तोमर का कहना है कि पहले भी कनसार रेंज में बड़ी संख्या में पेड़ों का अवैध कटान हुआ था। तब लापरवाही पर तत्कालीन डीएफओ कल्याणी को मुख्यालय अटैच कर दिया गया था। रेंज अधिकारी समेत छह वन कर्मियों को निलंबित किया गया था। जांच में रेंज के विभिन्न जगहों से करीब 4500 स्लीपर बरामद हुए थे।
सहायक वन संरक्षक चकराता वन प्रभाग मुकुल कुमार ने बताया कि रेंज अधिकारी को शीघ्र रिपोर्ट देने को कहा गया है। रिपोर्ट के आधार प आगे की कार्रवाई की जाएगी।