फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Dehradun News: हर दिन लग रहा हाईवे पर जाम जिम्मेदार नहीं ढूंढ पाए समाधान

विज्ञापन
विज्ञापन
I जाम में फंसने के कारण पर्यटकों और स्थानीय लोगों को झेलनी पड़ती है परेशानी
विज्ञापन

I

I
I

I शाम पांच बजे से सात बजे तक हर तिराहा और चौराहा आ जाता है जाम की गिरफ्त मेंI

औद्योगिक क्षेत्र सेलाकुई में दून पांवटा राष्ट्रीय राजमार्ग पर अतिक्रमण के कारण जाम की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। नगर पंचायत अतिक्रमण को हटाने में अब तक पूरी तरह से नाकाम साबित हुआ है। वहीं पुलिस भी घंटों की मशक्कत कर जाम खुलवाने तक सीमित है। यही हाल रहा तो क्रिसमस और नए साल पर चकराता का रुख करने वाले पर्यटकों को भयंकर जाम से जूझना पड़ेगा।

सेलाकुई में शाम के दो घंटे जाम के नाम हैं। शाम 5.00 बजे 7.00 बजे तक हर तिराहा और चौराहा जाम की गिरफ्त में आ जाता है। जाम के चलते देहरादून से पौंटा और चकराता जाने वाली यात्री और पर्यटकों को परेशानी उठानी पड़ती है। बाजार में खरीदारी और आवश्यक चीजों के लिए देहरादून आवागमन करने वाले स्थानीय लोग भी जाम में फंस जाते हैं।
विज्ञापन


शाम को पांच बजे औद्योगिक क्षेत्र की फैक्टरियों में श्रमिकों की छुट्टी होती है। उसके बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर पैदल जाने वाले सैकड़ों श्रमिक और वाहन आ जाते हैं। इस दौरान सड़कों पर खड़ी रेहड़ियां, फुटपाथ पर लगी फड़ और दुकानों के आगे हुआ अतिक्रमण पैदल चलने वाले श्रमिकों को सड़क पर आने को मजबूर कर देते हैं। रही सही कसर नगर में थोक के भाव चल रही ई-रिक्शा पूरी कर देतीं हैं।



नगर पंचायत प्रशासन और पुलिस कभी-कभी अतिक्रमण हटवाने की कार्रवाई कर खाना पूर्ति कर देती है। लेकिन स्थाई तौर पर अतिक्रमण और ई-रिक्शा के बेलगाम संचालन से निजात नहीं मिल पाती है।





Iजाम के सात प्रमुख स्थानI

मिलन चौक, जमनपुर तिराहा, सिडकुल गेट नंबर-1, सिडकुल गेट नंबर-2, हरिपुरा चौराहा, सत्येंद्र चौक, राजा रोड तिराहा


Iनगर पंचायत कार्यालय में अवैध रेहड़ियों के खिलाफ शिकायत कर चुके हैं। लेकिन कोई भी समाधान नहीं निकल पा रहा है। प्रशासन हर बार चालान की कार्रवाई के लिए कहता है। लेकिन कोई भी कार्य धरातल पर नहीं हो पा रहा है। इसका नुकसान नगरवासियों को उठाना पड़ रहा है। - चैतन्य अनिल गौड़, अध्यक्ष, व्यापार मंडल
I

I
I

I
I

Iकुछ समय पूर्व थाने में अतिक्रमण को लेकर बैठक भी कराई गई थी। लेकिन कुछ दिन रेहड़ियों पर अंकुश रहा। कुछ समय बाद ही सारी व्यवस्था खराब हो गई। नगर पंचायत भी शिकायत पर ही अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाती है। फिर से स्थिति जस की तस हो जाती है। - सुशील कुमार, क्षेत्र पंचायत सदस्य
विज्ञापन

I

I
I

I
I

Iकुछ दुकानदारों ने सड़क तक अपनी दुकान को फैलाया हुआ है। ऐसे दुकानदारों के खिलाफ भी पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए। जाम के कारण व्यापार पर भी असर पड़ रहा है। लोग शाम को घर से कम निकलते हैं। ई-रिक्शा संचालन के लिए रूट प्लान और स्टॉपेज तय होने चाहिए। - बालकिशन सहगल, व्यापारीI
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें