शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत बच्चों को प्रवेश देने से इन्कार करने वाला निजी स्कूल अगले साल मार्च से बंद हो जाएगा। ऐसे में इस विद्यालय के करीब दो हजार छात्रों के अभिभावकों ने मांग करते हुए कहा, अगले सत्र में होने वाले प्रवेश में इन बच्चों को पहले प्राथमिकता दी जाए।
अभिभावकों के प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में बीते रोज मुख्य सचिव से मुलाकात की। बीती 12 जून को मुख्य शिक्षा अधिकारी प्रदीप रावत की ओर से सन वैली स्कूल की मान्यता खत्म करने के आदेश दिए गए थे। इसमें कहा गया था, स्कूल ने अल्पसंख्यक संस्थान बताते हुए आरटीई के तहत बच्चों को दाखिला देने से मना किया था। शिक्षा विभाग की ओर से स्कूल की मान्यता रद्द करने के बाद शहर के करीब 20 विद्यालयों ने इन बच्चों को प्रवेश देने पर सहमति जताई है, लेकिन अभिभावकों कोे चिंता सता रही है कि इन विद्यालयों में प्रवेश नहीं मिला तो बच्चों का साल खराब होने के साथ भविष्य भी खराब हो जाएगा।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी से मिले अभिभावक अमर जैन ने कहा, हर साल देहरादून में बच्चों के प्रवेश को लेकर मारामारी रहती है। ऐसे में चिंता सता रही है कि नए सत्र में अगर किसी विद्यालय में सीट भर जाने या सीट उपलब्ध न होने पर बच्चे को प्रवेश नहीं मिला तो क्या होगा। बताया, शिक्षा विभाग की बैठक में विभाग की ओर से अभी हमें सिर्फ विकल्प दिए गए हैं।
वहीं, मुख्य सचिव ने इस मामले में सकारात्मक कार्रवाई करते हुए सचिव विद्यालय शिक्षा को आदेश दिए हैं कि इन छात्रों को प्रवेश में प्राथमिकता दी जाए। उधर, स्कूल प्रबंधन की ओर से विभाग के फैसले को कोर्ट में चुनौती दी गई है। ऐसे में अभिभावकों को कोर्ट के फैसले का भी इंतजार है।