माय सिटी रिपोर्टर देहरादून देश दुनिया में पहले कोरोना वायरस के चलते लागू लाकडाउन के बीच उत्तराखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने राज्य भर के होटल, धर्मशाला व लघु उद्योग संचालकों को भारी राहत दे दी है । प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सहमति शुल्क में दी गई छूट की अवधि बढ़ाते हुए इसे 31 जुलाई तक बढ़ा दिया है । प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के इस कदम से हजारों होटल, धर्मशाला व लघु उद्योग संचालकों ने राहत की सांस ली है । बता दें कि राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से होटलों धर्मशाला व लघु उद्योगों के संचालकों से पंजीकरण और सहमति शुल्क वसूला जाता है । चार माह पूर्व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सहमति शुल्क में छूट देते हुए इसे 31 मार्च तक जमा कराने की अनिवार्यता लागू कर दी कर दी थी। लेकिन अब जबकि कोरोनावायरस के चलते लाक डाउन है तो वैसे में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने होटलों धर्मशाला के संचालकों को भारी राहत देते हुए सहमटी शुल्क जमा कराने की अवधि को 31 जुलाई तक बढ़ा दिया है । प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव एसपी सुबुद्धि ने बताया कि सहमटी शुल्क जमा कराने में जो छूट दी गई है उसे फिलहाल 31 मार्च से बढ़ाकर 31 जुलाई तक लागू कर दिया गया है। लॉक समाप्त होने के साथ ही होटल, धर्मशाला व लघु उद्योगों के संचालक सहमति शुल्क जमा करा कर बाकी सारी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं बता दें कि प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड के इस कदम से राज्य भर में 3000 से अधिक होटल संचालक, 5000 से अधिक धर्मशाला संचालक व 10000 छोटे उद्यमियों ने राहत की सांस ली है।