मेहूंवाला पेयजल कलस्टर योजना कहने को कागजों में पूरी हो चुकी है, लेकिन अभी तक धरातल पर काफी काम अधूरा पड़ा हुआ है। न तो अभी तक घरों में मीटर लग पाए हैं, न ही कनेक्शन। यहां तक कि अभी तक कई जगह तो लाइन टेस्टिंग का कार्य ही चल रहा है। जबकि पेयजल निगम योजना का उद्घाटन की तैयारी कर रहा है।
विश्व बैंक वित्त पोषित मेहूंवाला पेयजल कलस्टर योजना का कार्य वर्ष 2020 में शुरु हुआ था।164 करोड़ रुपये की इस योजना का उद्देश्य सहसपुर और धर्मपुर विस क्षेत्र के अर्द्धनगरीय क्षेत्र के 48 बस्तियों में 16 घंटे निर्बाध पेयजल आपूर्ति उपलब्ध कराना है। इसे पहले जून 2022 में धरातल पर उतारने का लक्ष्य रखा गया था । लेकिन फिर इसकी डेडलाइन नंवबर 2022 तक बढ़ा दी गई। ट्यूबवेल के जमीन उपलब्ध न होने के कारण एक बार फिर से इसकी डेडलाइन को बढ़ाकर मार्च 2023 कर दिया गया। नवंबर माह शुरू हो चुका है, लेकिन अभी तक योजना पूरी तरह से धरातल पर नहीं उतर पाई है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में तो योजना के तहत पेयजल की सप्लाई शुरू हो चुकी है लेकिन आरकेड़िया, गोरखपुर,बड़ोवाला सहित, श्यामपुर, शुक्लापुर, उम्मेदपुर सहित कई क्षेत्र ऐसे हैं, जहां अभी तक न तो कनेक्शन दिए गए हैं और न ही पानी के मीटर लगे हुए हैं। इन क्षेत्रों में अभी भी पेयजल लाइनों की टेस्टिंग का काम चल रहा है। विभाग दावा कर रहा है कि निगम के सभी ट्यूबवेल शुरू हो चुके हैं, लेकिन अभी भी कई जगह सिंचाई विभाग के ट्यूबवेलों से काम चलाया जा रहा है। ऐसे में पेयजल निगम की ओर से योजना पूरी होने के दावे पर सवाल उठ रहे हैं।
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योजना के तहत अधिकतर क्षेत्रों में पेयजल सप्लाई शुरू कर दी गई है। जिन क्षेत्रों में अभी तक सप्लाई शुरू नहीं हो पाई है,वहां जल्द ही सप्लाई शुरू कर दी जाएगी। कई जगह कनेक्शन के लिए पाइप छोड़े गए हैं। लेकिन लोग कनेक्शन नहीं जोड़ रहे हैं। ऐसे लोगों को नोटिस जारी किए जाएंगे।I
Iमौहम्मद हसन, ईई पेयजल निगम, विश्व बैंक परियोजनाI