नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म मामले के आरोपी को जज पंकज तोमर की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषी करार देते हुए 10 साल की कैद और 24 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। इसमें से 20 हजार रुपये पीड़िता को देने के निर्देश दिए हैं।
शासकीय अधिवक्ता किशोर कुमार सिंह ने बताया कि मामला 2019 का है। पीड़िता के चाचा ने थाना विकासनगर में शिकायत दर्ज कराई थी। बताया कि चार जून को उसकी भतीजी कंप्यूटर सेंटर गई लेकिन वापस नहीं लौटी। अन्नू जेम्स नाम का युवक उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। इसमें उसकी मां-बहन भी जिम्मेदार हैं। उसके कुछ दिन बाद अपहृता को पुलिस ने आरोपी के साथ रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया। पीड़िता के बयान लिए गए तो उसने पुलिस को बताया कि वह अपने कंप्यूटर सेंटर गई थी जहां उसे अन्नू जेम्स मिला। वह उसे बहला-फुसलाकर आईएसबीटी ले गया। वहां से उसे वॉल्वो में बैठाकर दिल्ली ले गया। वहां उसने मदरडेयरी क्षेत्र में कमरा लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि मामले में सात गवाह पेश किए गए। सबूत और गवाहों पर जज पंकज तोमर की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 साल की सजा और 24 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माने की राशि में से 20 हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं।