फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Dehradun News: राज्य सरकार को दो महीने में फ्लड प्लेन जोन का काम पूरा करने का समय

विज्ञापन
विज्ञापन
I- राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने 24 जुलाई को हुई सुनवाई का आदेश किया जारी
विज्ञापन

I

I
I

I- यदि काम पूरा नहीं हुआ तो 15 सितंबर को मुख्य सचिव को होना होगा पेशI

रिस्पना नदी के किनारे अतिक्रमण को लेकर राजेंद्र गंगसारी बनाम उत्तराखंड सरकार के मामले में 24 जुलाई को हुई सुनवाई का आदेश शुक्रवार को जारी हो गया। एनजीटी ने मामले में उत्तराखंड सरकार को नदियों के फ्लड प्लेन जोन के कार्य को अगले दो महीने में पूरा करने का अंतिम अवसर दिया है। एनजीटी ने स्पष्ट किया कि यदि दो महीने में यह काम पूरा नहीं होता तो कार्रवाई के लिए आगे बढ़ना होगा। साथ ही सुनवाई की अगली तारीख 15 सितंबर को मुख्य सचिव को पेश होना होगा।
विज्ञापन


इससे पूर्व इस मामले की सुनवाई 13 मई 2024 को हुई थी। उस समय एनजीटी ने नगर निगम को रिस्पना नदी के किनारे अतिक्रमण हटाने और फ्लड प्लेन जोन चिह्नित करने के आदेश दिए थे। जिसके बाद नगर निगम ने 89 अतिक्रमण चिह्नित करने के बाद 69 अतिक्रमण हटा दिए थे। निगम ने एनजीटी में इसकी रिपोर्ट दाखिल करके बताया था कि शेष अतिक्रमण को उत्तराखंड शहरी निकाय एवं प्राधिकरण विशेष उपबंध अधिनियम की धारा 4(2) एवं 4(3) के तहत अध्यादेश 2018 के तहत संरक्षण प्राप्त है। उनको राज्य की आरे से पुनर्वास किए जाने तक हटाया नहीं जा सकता। इसके अलावा 23 जुलाई को दो दाखिल रिपोर्ट में अधीक्षण अभियंता, जल विज्ञान मंडल, बहाराबाद ने रिस्पना के बाढ़ क्षेत्र का सीमांकन किए जाने की बात कही थी। एनजीटी को उन्होंने बताया कि बाढ़ के मैदानी मानचित्रों की तैयारी, जमीनी सच्चाई का सत्यापन कार्य पूरा हो चुका है। रिपोर्ट की तैयारी प्रक्रिया में है। इसके अलावा अभी अंतरिम अधिसूचना जारी करना और आपत्तियां मांगना और निपटान, शीट्स पर बाढ़ लाइनों की अंतिम अधिसूचना बनाना और स्थल पर स्तंभों की स्थापना का काम अभी बाकी है। इसके बाद वीसी के माध्यम से प्रमुख सचिव शहरी विकास ने शेष चरणों को पूरा करने और फ्लड प्लेन जोनिंग के संबंध में अंतिम अधिसूचना जारी करने के लिए कुछ अतिरिक्त समय मांग की। सुनवाई के बाद एनजीटी ने मामले में कानून के अनुसार बाढ़ क्षेत्र जोनिंग को पूरा करने के लिए अंतिम अवसर के रूप में उत्तराखंड राज्य को दो महीने का अतिरिक्त समय दिया। मामले में अगली सुनवाई 15 सितंबर को नीयत की गई है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें