उत्तराखंड क्रांति दल का दो दिवसीय महाधिवेशन 24 और 25 जुलाई में मसूरी में आयोजित होगा। इसमें नई कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा। दल को मजबूत बनाने के लिए उसका नाम बदलने पर विचार से लेकर अन्य कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।
महाधिवेशन संयोजक और उक्रांद की वरिष्ठ नेता प्रमिला रावत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मसूरी के लक्ष्मी नारायण सभागार में महाधिवेशन होगा। कहा कि 1979 में मसूरी में दल का गठन हुआ था। दल के कुछ नेताओं ने जनता को ठगने का काम किया। उनके आपसी झगड़े से जनता का विश्वास कम हुआ और दल हाशिये पर आ गया। कुछ शीर्ष नेता चहारदीवारी के अंदर बैठकर कार्यकारिणी का गठन करते आए, लेकिन अब ऐसा नही होगा। दल को बचाने के लिए ही दो दिवसीय महाधिवेशन बुलाया गया है। जिसमें संगठन हित में निर्णय लिए जाएंगे।
वरिष्ठ नेता जयप्रकाश उपाध्याय ने कहा कि पूरे प्रदेश में दल के नेताओं के भ्रमण के बाद मसूरी में महाधिवेशन करने का निर्णय लिया है। कहा कि राज्य में बिखरी जनवादी ताकतों को एकजुट कर नए सिरे से दल को मजबूत किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो दल के नाम में भी परिवर्तन किया जाएगा। डीएवी कॉलेज के पूर्व महासचिव सचिन थपलियाल ने कहा कि उक्रांद के माध्यम से उत्तराखंड के जल, जंगल जमीन को बचाने के लिए पार्टी को मजबूत किया जाएगा। राज्यहित में लिए जाने वाले हर फैसले पर वह उक्रांद का साथ रहेंगे। इस दौरान उक्रांद के नगर महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष सीमा देवी, राज्य आंदोलनकारी प्रदीप भंडारी, संदीप कुमार, सुमित डंगवाल, शकुंतला रावत, कमलेश भंडारी, जितेंद्र कुमार मौजूद रहे।