बार-बार चेतावनी के बाद भी काम में सुधार नहीं दिखने पर नगर निगम ने आखिरकार ईईएसएल से शहर की स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत व रखरखाव का काम छीन लिया। नगर आयुक्त ने शनिवार देर शाम इस संबंध में आदेश जारी कर दिया। ईईएसएल कंपनी 2017 से शहर की एक लाख से अधिक स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत का काम देख रही थी।
2017 के बाद नगर निगम ने कंपनी के साथ दूसरी बार 2020 में करार किया। इस करार के तहत कंपनी ने नगर निगम क्षेत्र में 1,02000 स्ट्रीट लाइटें लगाईं। इन्हीं लाइटों की मरम्मत और रख-रखाव का काम भी कंपनी को देखना था। स्ट्रीट लाइटें खराब होती रहीं और इनकी मरम्मत के लिए निवर्तमान पार्षदों के हंगामे-प्रदर्शन नगर निगम में होते रहे। बढ़ती शिकायतों पर नगर निगम प्रशासन ने कंपनी को कई बार चेतावनी दी। आखिरी में 25 सितंबर की शाम कंपनी के राज्य प्रमुख के साथ नगर निगम ने बैठक कर पूरे मामले को रखा। उसके बाद नगर आयुक्त गौरव कुमार ने कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को कार्रवाई का पत्र जारी कर दिया। हालांकि, नगर निगम ने गत 8 अगस्त से स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत का काम अस्थायी तौर पर संभाल लिया था।
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नगर निगम के अनुबंध के अनुसार, दून में स्ट्रीट लाइटों देखरेख-मरम्मत का काम ईईएसएल को करना था, लेकिन ईईएसएल ने निगम से यह काम लेकर किसी दूसरी कंपनी को सौंप दिया। दून में 50 टीमें लगाई जानी थी, लेकिन मौके पर 15-18 टीमों से काम कराया गया।