धाद संस्था के साथ कई संस्थाओं ने हरेला मार्च निकाला। परेड ग्राउंड से शुरू मार्च गांधी पार्क से घंटाघर, पंचायती मंदिर होते हुए वापस परेड ग्राउंड पर संपन्न हुआ। सुषमा एवं पुष्पा डुकलान के ढोल की थाप के साथ साथ लोग आगे बढ़े। इस दौरान लोकगीतों से हरियाली का संदेश दिया गया।
अध्यक्ष लोकेश नवानी ने कहा कि धाद ने 14 वर्षों से हरेला को एक कृषि पर्व से बढ़ाकर जन आंदोलन का रूप दे दिया है। संयोजक हिमांशु आहूजा ने कहा कि इस वर्ष की प्रचंड गर्मी ने हरियाली और पेड़ों की जरूरत को लेकर हमारा ध्यान खींचा है। देहरादून शहर में पूर्वजों ने जो बेशकीमती और ऐतिहासिक पेड़ हमारे लिए लगाए थे, आज हमारा कर्तव्य है कि हम उन्हें बचाएं, यही असली हरेला है। कृषक बागवानी संगठन के सचिव बीरभान सिंह, धाद के सचिव तन्मय ममगाईं, सिटीजन फॉर ग्रीन दून के अध्यक्ष हिमांशु अरोरा ने भी विचार रखे।
इस दौरान आर्यन ग्रुप से फैजी अलीम, सामाजिक कार्यकर्ता अनूप नौटियाल, ऋतु चटर्जी, जगमोहन मेहंदीरता, ईरा चौहान, जया सिंह, पुष्पलता ममगाईं आदि मौजूद रहे।