ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्योहार महानगर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज अदा कर अमन-चैन की दुआ मांगी। लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर बकरीद की मुबारकबाद दी।
सोमवार को यमुना कॉलोनी स्थित ईदगाह में सुबह 8.30 बजे शहर काजी मोहम्मद अहमद कासमी ने नमाज अदा कराते हुए मुल्क में शांति और भाईचारे की दुआएं कराईं। शहर काजी ने कहा कि बकरीद का त्योहार आपसी प्रेम और भाईचारे का त्योहार है। जरूरतमंदों, गरीब और असहाय लोगों की मदद करें और उन्हें अपने साथ त्योहार में शामिल रखें। इससे पहले नमाज अदा करने के लिए सुबह से ही लोग पूरे उत्साह के साथ ईदगाह पहुंचने शुरू हो गए थे। ईद-उल-अजहा के को देखते हुए ईदगाह में साफ-सफाई और पीने के पानी का इंतजाम किया गया था।
शहर की ईदगाहों और मस्जिदों में छोटे बच्चे भी अपने पिता की उंगली पकड़कर नमाज अदा करने पहुंचे। इनमें कई बच्चे ऐसे थे जो पहली बार नमाज अदा करने आए।