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I अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित की थी दिव्यांग छात्रों की समस्याI
राष्ट्रीय दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान (एनआईईपीवीडी) में दिव्यांग छात्रों के छात्रावास की छत टपकने के संबंध में अमर उजाला में प्रकाशित समाचार का जिलाधिकारी ने संज्ञान लिया। उन्होंने तत्काल एसडीएम सदर को मौका मुआयना करने के निर्देश दिए। एसडीएम ने छात्रावास का निरीक्षण कर मरम्मत करने के निर्देश दिए। निर्देश दिए कि जब तक मरम्मत नहीं हो जाती, तब तक छात्र इस छात्रावास में रहने नहीं जाएंगे।
गौरतलब है कि अमर उजाला के 28 जुलाई के अंक में ‘दिव्यांग छात्र बोले- आफत की छत के नीचे नींद नहीं आती’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया गया था। छात्र इन दिनों हो रही बरसात के कारण परेशानी से जूझ रहे थे। दृष्टि दिव्यांग ये छात्र हर रात डर के साए में गुजारते थे। इस समस्या उन्होंने संस्थान प्रबंधन के सामने भी उठाई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। समाचार प्रकाशित होने के बाद जिलाधिकारी सोनिका ने मामले का संज्ञान लिया। उनके निर्देश पर एसडीएम सदर हरिगिरी मौके पर पहुंचे। उन्होंने अन्य अधिकारियों के साथ छात्रावास का निरीक्षण किया।
उन्होंने संस्थान प्रबंधन को तत्काल प्रभाव से छात्रावास की मरम्मत के निर्देश दिए। कहा कि मरम्मत होने के बाद प्रशासन की टीम फिर से निरीक्षण करेगी। इसके बाद ही यहां पर छात्रों को शिफ्ट किया जाएगा। तब तक इन छात्रों के लिए दूसरे हॉस्टल में रहने के प्रबंध करने के निर्देश संस्थान प्रबंधन को दिए। इस दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, जिला समाज कल्याण अधिकारी पूनम चमोली समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।