दून के रहने वाले शेफ रणधीर सिंह नेगी अपने व्यंजनों के स्वाद से काफी प्रसिद्ध हैं। वह 15 साल पहले पंजाब में एक रेस्टोरेंट में अपने हाथों के स्वाद का जादू दिखा रहे थे। कुछ दिन बाद ही वह राजस्थान, दिल्ली, मुंबई आदि जगहों पर भी जाकर लोगों को अपने हाथों के स्वाद का दीवाना बनाया।
पहाड़ी अनाजों के नए प्रयोगों से बन रहे व्यंजन लोगों को अपना दीवाना बना रहे हैं। उत्तराखंड के साथ ही अब दूसरे राज्यों के लोग भी इन व्यंजनों का स्वाद चख रहे हैं। दून के मास्टर शेफ रणधीर सिंह नेगी देश के विभिन्न हिस्सों में काम कर अब पहाड़ी लोगों को दून में ही मंडुआ पिज्जा और गहथ के सूप का स्वाद चखा रहे हैं।
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उनका कहना है कि पहाड़ी व्यंजनों को पसंद करने वालों की तादाद बढ़ती जा रही है। दून के रहने वाले शेफ रणधीर सिंह नेगी अपने व्यंजनों के स्वाद से काफी प्रसिद्ध हैं। वह 15 साल पहले पंजाब में एक रेस्टोरेंट में अपने हाथों के स्वाद का जादू दिखा रहे थे। कुछ दिन बाद ही वह राजस्थान, दिल्ली, मुंबई आदि जगहों पर भी जाकर लोगों को अपने हाथों के स्वाद का दीवाना बनाया।
कोरोनाकाल में वह दून वापस आए तो पहाड़ी व्यंजनों की दीवानगी दिखी और उन्होंने बाहर न जाने का निर्णय लिया। रणधीर बताते हैं कि उत्तराखंड के व्यंजनों को अब अलग पहचान दिलाने का काम कर रहा हूं। यहां आने वाले दूसरे राज्यों के लोगों को मंडुआ और झंगोरा से बने व्यंजन काफी पसंद आ रहे हैं।
फास्टफूड को लेकर लोगों की दीवानगी बढ़ रही है तो वहीं पहाड़ी अनाज से बने फास्टफूड भी पीछे नहीं है। दून में कंडाली और मंडुआ का पिज्जा और गहथ का सूप उत्तराखंडवासियों की पहली पसंद बन रहा है। इसके साथ ही पहाड़ी अनाज से अरसा, मंडुवा-झंगोरे की बर्फी और मंडुवे के लड्डू व रोटाना, मंडुवा-झंगोरे की नमकीन, गुलाब जामुन सहित 60 तरह के व्यंजन बन रहे हैं।