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Dehradun News: शिष्य ने दिया था राज, आरोपियों ने ‘स्पेशल 26’ की तर्ज बनाई योजना

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शेयर और क्रिप्टो ट्रेडिंग करने वाले कारोबारी का अपहरण करने वाले आरोपी उनके ट्रेडिंग वॉलेट के 95 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करने आए थे। इसका राज कारोबारी के एक शिष्य ने ही आरोपियों को बताया था। इसके बाद उन्होंने फिल्म स्पेशल 26 की तर्ज पर योजना बनाई और नकली सीबीआई अधिकारी बनकर कारोबारी के घर पर छापा मार दिया।
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तीनों आरोपियों ने कारोबारी से सवा तीन लाख रुपये तो लूट लिए, लेकिन अपने असल मंसूबे में कामयाब नहीं हो पाए। पुलिस ने अपहरण करने वाले तीनों आरोपियों को तो गिरफ्तार कर लिया, लेकिन राज बताने वाला कारोबारी का शिष्य अभी फरार है। एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने 29 अगस्त को हुए कारोबारी अमित कुमार निवासी नागल, सहारनपुर के अपहरण के खुलासे के लिए पत्रकार वार्ता बुलाई थी। उन्होंने बताया कि इस मामले में पुलिस ने हर दिशा में काम किया। रूट के कैमरों से लेकर मोबाइल लोकेशन के आधार पर जांच की गई।
इस बीच रविवार शाम को तीनों आरोपियों आशीष कुमार निवासी एमआर पैलेस, नकुड़ ब्लॉक सहारनपुर, सोनू निवासी बुरावा शहर, झज्ज हरियाणा और सुमित कुमार निवासी मोहल्ला महादेव मंदिर, नकुड़ सहारनपुर को गिरफ्तार किया गया है। जबकि, चौथा आरोपी अभिषेक सैनी निवासी नकुड़ सहारनपुर पकड़ से बाहर है। एसएसपी ने बताया कि अमित शेयर ट्रेडिंग करने के साथ-साथ ट्रेडिंग सिखाते भी हैं। उनसे अभिषेक सैनी ट्रेडिंग सीख रहा था। वह उनके लगभग हर राज जानता था।
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आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि अभिषेक ने उन्हें सारी बातें बताई थीं। बताया था कि अमित ने उससे छह लाख रुपये लेकर ट्रेडिंग में लगाए हैं। अभिषेक ने बताया था कि अमित के ट्रेडिंग वॉलेट (खाता) में 95 लाख रुपये हैं। ऐसे में यदि योजना बनाई जाए तो यह रकम उन्हें मिल सकती है। चारों ने मिलकर योजना बनाई कि वह सीबीआई अधिकारी बनकर अमित को डराने के लिए देहरादून जाएंगे। योजना के अनुसार आशीष, सोनू और सुमित गत 28 अगस्त को देहरादून पहुंच गए। यहां मोथरोवाला में उन्हें अभिषेक मिला।
रात करीब 10.30 बजे आशीष, सोनू और सुमित अमित के दोस्त के फ्लैट पर पहुंच गए। यहां पर अमित का दोस्त मुकुल और युवती नशे की हालत में थे। इस पर उन्होंने अगले दिन योजना को अंजाम देने की सोची। अगले दिन सुबह करीब सवा छह बजे तीनों फ्लैट में चले गए। जबकि, अभिषेक गाड़ी में ही बैठा रहा।
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डाटा केबल लेने के लिए रोकी गाड़ी तो मौका पाकर कूद गए अमित
तीनों ने खुद को सीबीआई से बताया और उनकी वीडियो बनाने लगे। उन्होंने फ्लैट में रखे सवा तीन लाख रुपये, छह मोबाइल और दो लैपटॉप व अन्य सामान वहां से उठा लिए। इसके बाद अमित और मुकुल को उसी की गाड़ी में बैठाकर ले जाने लगे। अभिषेक दूसरी गाड़ी से उनके पीछे चल रहा था। रास्ते में वह वॉकी टॉकी पर बात कर रहे थे। इस दौरान सभी के मोबाइल बंद थे। इस बीच अमित ने कहा कि उसके मोबाइल की बैटरी खत्म हो रही है। इस पर उन्होंने डाटा केबल लेने के लिए गाड़ी रोकी। मौका पाते ही अमित गाड़ी से कूद गए। इसके बाद वह सब आगे बढ़े और मुकुल को अमित की गाड़ी के साथ डाटकाली मंदिर के पास छोड़ दिया।

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बंगलूरू जाने की बना रहे थे योजना

आरोपियों ने यहां से गाड़ी फिर से देहरादून की ओर मोड़ दी और अभिषेक को मोथरोवाला में छोड़ दिया। इसके बाद सभी सहारनपुर चले गए। यहां उन्होंने सोनू को एक लाख 10 हजार रुपये दिए और अपने-अपने घर पहुंच गए। उन्हें जब पता चला कि पुलिस उनके पीछे लगी है तो सभी बंगलूरू जाने की योजना बना रहे थे। इसी बीच उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

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नकली पिस्तौल थी आरोपियों के पास

आरोपी अमित को डराने के लिए दो नकली पिस्तौल लेकर आए थे। इन पिस्तौल को उन्होंने सहारनपुर से खरीदा था। आरोपियों ने पिस्तौल और वॉकी टॉकी को भी जंगल में फेंक दिया था। इन्हें पुलिस टीम ने बरामद कर लिया है।
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