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Iदेहरादून में रहकर हो रहा था भगवानपुर स्थित देशी घी की फैक्टरी का संचालन
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Iबड़ा सवाल : यहां से सप्लाई हो रहा हजारों क्विंटल घी के लिए कहां से सप्लाई हो रहा था दूधI
तिरुपति मंदिर में लड्डुओं में भगवानपुर (रुड़की) की जिस फैक्टरी के देशी घी का इस्तेमाल हो रहा था। उस फैक्टरी के मालिक देहरादून में रहकर पूरा कारोबार कर रहे थे। फैक्टरी पकड़े जाने के बाद इसे लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिरकार तिरुपति मंदिर के लिए यहां से सप्लाई हुए हजारों कुंतल घी के लिए इतनी ही बड़ी मात्रा में दूध कहां से सप्लाई हो रहा था। वहीं, अब जांच की आंच देहरादून तक पहुंच चुकी है। फिलहाल यह कार्रवाई आंध्रप्रदेश के वाणिज्य कर विभाग को मिले घी के बिलों के आधार पर हुई है। जांच आगे बढ़ने पर सभी तरह के सवालों से पर्दा उठ सकेगा।
गौरतलब है कि बीते रविवार को खाद्य सुरक्षा विभाग ने भगवानपुर स्थित भोले बाबा आर्गेनिक डेयरी मिल्क प्राइवेट लिमिटेड फैक्टरी पर छापा मारा था। इस दौरान पता चला कि करीब एक माह से फैक्टरी में उत्पाद नहीं बन रहे हैं। आशंका है कि तिरुपति के प्रसाद में इस्तेमाल घी में मिलावट का खुलासा होने के बाद से यहां उत्पादन बंद है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त के निर्देश पर की गई कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके से घी व दूध के रैपर, गत्ते की पेटियां व टिन के खाली डिब्बे आदि को कब्जे में लिया था। वहीं फैक्टरी संचालकों के नंबर बंद मिलने से टीम अधिक जानकारी हासिल नहीं कर पाई। सूत्रों के अनुसार फैक्टरी का संचालन करने वाले देहरादून में घी के बड़े व्यापारी हैं। इनके अन्य प्रदेशों में भी घी और तेल से जुड़े कारोबार हैं। बताया जा रहा है कि डेनमार्क आदि देशों से भी सस्ते घी का आयात किया जाता है। वहीं इस बाबत खाद्य सुरक्षा उपायुक्त आरएस रावत ने बताया कि फैक्टरी संचालकों से संपर्क नहीं हो पाया है।
Iआखिर कैसे तैयार हो रहा था इतनी कम कीमत में देशी घीI
बताया जा रहा है कि तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम को घी सप्लाई कर रही कंपनी को भगवानपुर स्थित फैक्टरी से सवा तीन सौ से सवा चार सौ रुपये प्रति किलो के हिसाब से घी बिक्री किया जा रहा था। जानकारों की मानें तो घर के 12 किलो दूध की क्रीम से करीब एक किलो देशी घी मिलता है। इस दूध की कीमत करीब 600 रुपये होती है। ऐसे में सस्ता देशी घी कैसे तैयार हो रहा है। यह सवाल भी जांच के दायरे में होगा।
Iएक माह में हो जाएगा दूध का दूध और पानी का पानीI
तिरुपति में प्रसाद के लड्डुओं में मिलावट का मामला सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से प्रदेश भर में अभियान चलाया गया था। अब तक 113 सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। माना जा रहा है कि आगामी एक माह में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
उत्तराखंड खाद्य सुरक्षा उपायुक्त आरएस रावत ने बताया कि तिरुपति के प्रसाद का मामला सामने आने के बाद प्रदेश भर में अभियान चलाया गया था। इस दौरान बाजार में उपलब्ध सभी प्रकार के घी के ब्रांड के सैंपल लिए गए हैं। अभी तक प्रदेश भर में करीब 113 सैंपल लिए गए हैं। इसमें देहरादून के करीब 23 सैंपल शामिल हैं। इन सभी सैंपल को रुद्रपुर लैब में जांच के लिए भेजा गया है। उम्मीद है कि एक माह में सभी सैंपल की रिपोर्ट मिल जाएगी। रिपोर्ट मिलने के बाद घी के असली और नकली होने की स्थिति साफ हो सकेगी।