दून में चल रहे विरासत महोत्सव में बुधवार को स्कूली बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया तो वहीं अनोल चटर्जी के गीतों पर दर्शक खूब झूमे। महोत्सव में कई विषयों पर चर्चा हुई। वहीं बांसुरी वादन की प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया।
बुधवार को विरासत महोत्सव में स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से रंग जमाया। इसमें समीर तिवारी ने राग भैरव में संगीत सुरों से प्रस्तुति की शुरूआत की और शास्त्रीय संगीत की लय बनाकर दर्शकों की प्रशंसा बटोरी। इसके बाद छात्रा विधि चौधरी ने राग जानपुरी में सुंदर प्रस्तुति दी।
इसके बाद जीआरडी आईएमटी में परिचर्चा पर व्याख्यान हुआ। इसमें डॉ. अर्शिया सेठी ने कहा कि जिंदगी का हर पल व हर दिन कीमती समय है। इस जिंदगी में जिंदगी से ज्यादा कुछ भी तो नहीं है। यह चर्चा युवाओं के लिए कला क्यों महत्वपूर्ण है विषय पर आयोजित की गई।
जीआरडी आईएमटी के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉली ओबेरॉय ने कहा कि हमें अपने देश के हर नौजवान एवं युवा पीढ़ी को यह बताना जरुरी है कि आर्ट कल्चर, क्राफ्ट को संरक्षित करके रखा जाए। यूनिसन स्कूल में रीच संस्था के सहयोग से हुई नेवी बैंड की प्रस्तुति ने सभी का मन मोहा।
इसकी शुरूआत पारंपरिक मंगल से हुई। इसमें नौसेना के मार्च, उत्तराखंड के लोकगीत और लोकप्रिय बॉलीवुड हिट ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सब लेफ्टिनेंट श्रेया जोशी ने समुद्री इतिहास और समुद्र के महत्व के बारे में जानकारी दी।
सेवानिवृत्त कमोडोर मोनिका ने भारतीय नौसेना के भीतर आत्मनिर्भरता के महत्व पर चर्चा की। इस मौके पर सेवानिवृत्त कमोडोर गौतम नेगी, प्रधानाचार्या मोना खन्ना आदि मौजूद रहे। महोत्सव में प्रसिद्ध संगीतकार गायक अनोल चटर्जी ने रागेश्वरी के साथ अपने हिंदुस्तानी गायन की शुरूआत की।
हारमोनियम पर उनके साथ पंडित धर्मनाथ मिश्रा, तबले पर पंडित शुभ महाराज और तानपुरा पर सिद्धांत प्रुथी और नितिन शर्मा ने प्रस्तुति दी। वहीं सांस्कृतिक संध्या के समापन पर बांसुरी वादन की प्रस्तुति ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसमें रोनू और शशांक की जुगलबंदी ने बांसुरी वादन की सुंदर प्रस्तुति दी।