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Dehradun News: कृषि विभाग के पूर्व कर्मी का 7.60 लाख का दावा खारिज

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कृषि विभाग के पूर्व कर्मचारी रमेश चंद्र चौहान को सेवा लाभ के भुगतान में हुई देरी पर ब्याज दिलाने की मांग संबंधी वाद को देहरादून की चतुर्थ अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) अखिलेश कुमार पांडे की अदालत ने खारिज कर दिया। अदालत ने माना कि वादी का ब्याज की राशि पाने का कानूनी अधिकार सिद्ध नहीं कर सका। इसलिए 7.60 लाख रुपये की वसूली का दावा स्वीकार नहीं किया जा सकता।रमेश चंद्र चौहान ने अदालत में दावा किया था कि वर्ष 2010 में उन्हें सेवा से हटाया गया था, जिसे बाद में लोक सेवा अधिकरण ने 17 अप्रैल 2014 को निरस्त कर दिया। इसके बाद उन्हें पेंशन, ग्रेच्युटी, लीव एनकैशमेंट और अन्य सेवा लाभ तो मिले, लेकिन काफी विलंब से भुगतान किया गया। इसी देरी के कारण उन्होंने ब्याज के रूप में 7.60 लाख रुपये की मांग करते हुए वाद दायर किया था। राज्य सरकार और कृषि विभाग की ओर से अदालत में कहा गया कि लोक सेवा अधिकरण ने केवल सेवा बहाली का आदेश दिया था, ब्याज देने का कोई निर्देश नहीं दिया था। विभाग ने सभी देयकों का भुगतान कर दिया है और वादी ब्याज का हकदार नहीं है। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि वादी को सभी सेवा लाभ प्राप्त हो चुके हैं और लोक सेवा अधिकरण के आदेश में ब्याज भुगतान का कोई निर्देश नहीं था। मा.सि.रि.
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