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Dehradun News: रेत-बजरी सप्लायर की हत्या के दोषी को आजीवन कारावास

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Iमई 2013 में रुपयों के लेनदेन में मफलर से गला घोंटकर कर दी थी हत्या
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Iआठ माह बाद पकड़ा था आरोपी, एक आरोपी की हो चुकी है मौतI



ग्यारह साल पहले हुई रेत-बजरी सप्लायर की हत्या के दोषी को अपर जिला जज चतुर्थ महेश चंद कौशिबा की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। दोषी ने अपने एक साथी के साथ मिलकर सप्लायर की मफलर से गला घोंटकर हत्या कर शव सड़क किनारे फेंक दिया था। इस मामले में एक मुल्जिम की कुछ समय पहले मौत हो चुकी है।



घटना 17 मई 2013 को कैंट थाना क्षेत्र में हुई थी। राम रतन शाह निवासी कैंट क्षेत्र ने अपने साले बैजू शाह निवासी इंदिरा कॉलोनी, चुक्खुवाला की हत्या के संबंध में मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने पुलिस को बताया था कि बैजू शाह रेत-बजरी सप्लाई करता था। ब्याज पर पैसे भी देता था। 17 मई 2013 को राजू को किसी का फोन आया और वह घर से चला गया। रातभर जब वह नहीं आया तो परिजनों के साथ मिलकर उसकी तलाश की गई। अगले दिन सुबह पता चला कि एक लाश मोर्चरी में रखी हुई है। रामरतन शाह बैजू के अन्य परिजनों के साथ मोर्चरी गए तो उसकी पहचान बैजू शाह के रूप में हुई।
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पता चला कि यह लाश अनारवाला पेट्रोल पंप के पास पड़ी हुई थी। पुलिस ने हत्या और साक्ष्य छुपाने के आरोप में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। करीब आठ माह बाद जनवरी 2014 में पुलिस ने आखिरकार एक आरोपी राजेश मेहता उर्फ राजू को गिरफ्तार कर लिया। राजू से जब पूछताछ हुई तो पता चला कि राजू ने बैजू से एक लाख 60 हजार रुपये ब्याज पर लिए थे। यह रुपये हर दिन के हिसाब से ब्याज सहित चुकाने थे। उसने करीब 20 दिन तक ब्याज चुकाया, लेकिन बाद में हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद उसने बैजू को खत्म करने का षडयंत्र रचा।
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Iहत्या करने से पहले साथ बैठकर पी थी शराबI

राजू ने अपने दोस्त रितेश सचदेवा निवासी गोविंदगढ़ को साथ लिया और 17 मई 2013 को बैजू को बुलाया। ये दोनों राजू की कार से बैजू को लेकर राजपुर रोड चले गए। वहां आरटीओ तिराहे के पास तीनों ने शराब पी। जब बैजू नशे में हो गया तो राजू ने उसके मफलर से गला घोंटकर राजू की हत्या कर दी। इसके बाद शव को अनारवाला में फेंक दिया। राजू ने रितेश सचदेवा को चुप रहने के लिए 25 हजार रुपये दिए। पुलिस ने मामले में अप्रैल 2014 को चार्जशीट दाखिल की। अभियोजन की ओर से कुल 17 गवाह मुकदमे में पेश किए गए। मुकदमे के ट्रायल के दौरान रितेश सचदेवा की मृत्यु हो गई थी। लिहाजा उसके खिलाफ कोर्ट की कार्यवाही बंद कर दी गई। अब कोर्ट ने राजेश मेहता उर्फ राजू को बैजू की हत्या का दोषी पाते हुए सजा का ऐलान कर दिया।
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