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Dehradun News: मानसिक विक्षिप्त महिला से सामूहिक दुष्कर्म के तीन आरोपी बरी

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I-स्पेशल फास्ट ट्रैक जज पंकज तोमर की कोर्ट ने सुनाया फैसला
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I-पुलिस ने नहीं कराई आरोपियों की शिनाख्त परेड, पीड़िता ने नहीं की पहचानI

मानसिक विक्षिप्त महिला से सामूहिक दुष्कर्म के तीन आरोपियों को न्यायालय ने साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। पीड़िता ने आरोपियों को पहचानने से इन्कार कर दिया। साथ ही मेडिकल रिपोर्ट में भी दुष्कर्म की बात सिद्ध नहीं हो पाई। इस मामले में एक नाबालिग था जिसकी फाइल को पहले ही अलग कर दिया गया था। आरोपी घटना के बाद से ही जेल में बंद थे।



बचाव पक्ष के अधिवक्ता आशुतोष गुलाटी ने बताया कि रिस्पना नगर निवासी रंजीत पाठक ने 28 जून 2018 को नेहरू कॉलोनी थाने में तहरीर दी थी। घटनाक्रम इस तरह था कि उनके मोहल्ले में काफी दिनों से एक मानसिक विक्षिप्त महिला घूम रही थी। 27 जून 2018 को मोहल्ले के ही रहने वाले नवीन क्षेत्री, विजय और मोहित ने अपने एक नाबालिग साथी के साथ मिलकर इस महिला का अपहरण कर लिया।
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इसके बाद महिला से कार में ही दुष्कर्म किया। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मुकदमे में तीनों बालिग आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की।

अभियोजन की ओर से इस मुकदमे में कुल 16 गवाह पेश किए। विचारण के दौरान कोर्ट में दाखिल की गई मेडिकल रिपोर्ट में भी पीड़िता के साथ दुष्कर्म की बात नहीं की गई। इसके अलावा पुलिस ने आरोपियों की जेल में शिनाख्त परेड भी नहीं कराई।
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ऐसे में अदालत में पांच साल बाद जब पीड़िता की गवाही हुई तो उसने आरोपियों को पहचानने से इन्कार कर दिया। इसके अलावा डीएनए जांच में भी किसी प्रकार की कोई बात साबित नहीं हुई। ऐसे में सभी आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए स्पेशल फास्ट ट्रैक जज पंकज तोमर की कोर्ट ने आरोपियों को ससम्मान बरी कर दिया।
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