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Iमांग पूरी न होने तक धरना जानकारी रखने की चेतावनीI
300 मेगावाट की लखवाड़ बांध परियोजना का निर्माण कार्य लगातार दूसरे दिन भी ठप रहा। यूजेवीएनल के अधिकारियों ने बांध प्रभावितों से वार्ता की। लेकिन अधिकारियों के समझाने के बाद भी बांध प्रभावितों ने बिना मांग पूरी हुए धरना स्थल से उठने से इंकार कर दिया।
बृहस्पतिवार को बांध प्रभावित समिति के अगुवाई में बांध प्रभावितों ने लखवाड़ बांध साइट पर जाकर कार्य बंद करा दी थी। बांध प्रभावितों का कहना था कि अनुदान, अनुग्रह राशि, स्थाई रोजगार, परिवार रजिस्टर में वर्तमान स्थिति के अनुरूप प्रविष्टियां, पुनर्वास अधिकारी की नियुक्ति आदि लंबित मांगों को लेकर उत्तराखंड जल विद्युत निगम और एल एंड टी कार्यवाही नहीं कर रहा है। मौके पर किसी अधिकारी के वार्ता के लिए नहीं पहुंचने पर बांध प्रभावित यूजेवीएनएल और एल एंड टी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए।
शुक्रवार को भी बांध प्रभावितों का धरना तथा परियोजना की कार्यबंदी जारी रही। यूजेवीएनएल के अधिशासी अभियंता विपिन डंगवाल धरना स्थल पर पहुंचे तथा बांध प्रभावितों से वार्ता की। उन्होंने बांध प्रभावितों को एल एंड टी के अधिकारियों और यूजेवीएनएल के उच्च अधिकारियों के साथ वार्ता करवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने बांध प्रभावितों से धरना स्थगित कर परियोजना का कार्य प्रारंभ करवाने की अपील की। लेकिन वार्ता बेनतीजा रही।
दिग्विजय सिंह और सचिव राजेश चौहान ने बताया कि फिलहाल कोई सार्थक वार्ता न होने के चलते धरना और कार्यबंदी जारी रहेगी। जल विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता विपिन डंगवाल ने बताया कि अधिकारियों और कार्यदायी संस्था के साथ वार्ता कर समस्या का समाधान किया जाएगा।