- बाढ़वाला में चल रहे ऐतिहासिक मेले में दूसरे दिन नहीं रही चहल-पहल
संवाद न्यूज एजेंसी
कालसी। बाढ़वाला में चल रहे महाशिवरात्रि मेले में इस बार कम आ रही भीड़ से दुकानदारों में निराशा का माहौल है। वर्षों से चली आ रही मेले की परंपरा में पहली बार ऐसी स्थिति बनती दिखाई दे रही है, जिसमें दूसरे ही दिन भीड़ छंटने लगी है। चार दिनों तक चलने वाला यह मेला जौनसार बावर, पछवादून के अलावा हिमाचल व उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों का प्रमुख मेला माना जाता है। यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर जरूरत के सामान की खरीदारी करते हैं। इसके अलावा बच्चों के मनोरंजन के लिए खिलौनों की दुकान, विभिन्न प्रकार के छोटे-बड़े झूले, मौत का कुआं और खाने-पीने की दुकानें भी लगाई जाती हैं। मेले के अंतिम दिन तक भीड़ छंटती नहीं थी, लेकिन इस बार स्थिति विपरीत नजर जा रही है। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से आए हलवाई दिलीप कुमार ने बताया कि वे 30 वर्षों से मेले में दुकान लगा रहे हैं। पहली बार ऐसा हुआ कि लोगों की भीड़ इतनी कम है। झूले के संचालक अनिल व खिलौना विक्रेता अनीस ने बताया कि भीड़ कम होने से कारोबार प्रभावित हो रहा है। यदि आने वाले दोनों दिनों में भी यही स्थिति रही तो नुकसान उठाना पड़ सकता है। मेला समिति के अध्यक्ष व ग्राम प्रधान अरुण खत्री का कहना है कि सोमवार को सप्ताह का प्रथम कार्य दिवस होने व बच्चों की परीक्षाएं चलने के कारण भीड़ कम है। आने वाले दो दिनों में मेले की रंगत बरकरार रहने की उम्मीद है।