शहर लगातार बढ़ रहा है। बाजारों की भीड़ में साल दर साल इजाफा हो रहा है, लेकिन यहां अग्निकांड से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड के इंतजाम धीमी रफ्तार से बढ़ रहे हैं। तंग बाजारों में यदि अग्निकांड हुआ तो फायर ब्रिगेड हांफ जाएगी। यहां बड़ी गाड़ियां जा नहीं सकती और छोटी गाड़ियों का बेड़ा बेहद छोटा है। यही नहीं शहर में अब तक केवल एक ही फायर स्टेशन है। इससे शहर का एक बड़ा हिस्सा फायर स्टेशन से बेहद दूर हो जाता है।
दरअसल, देहरादून में पहले पलटन बाजार और इसके आसपास के ही बाजारों में भीड़भाड़ रहती थी। इन बाजारों में बड़े वाटर टेंडर नहीं जा सकते हैं। ऐसे में यहां के लिए दो मिनी वाटर टेंडर (आग बुझाने वाली गाड़ियां) खरीदे गए थे। साथ ही चार बाइक भी फायर फाइटिंग के लिए फायर ब्रिगेड के बेड़े में शामिल हुईं। इसमें से एक बाइक खराब हो चुकी है। समय के साथ यहां इन बाजारों में तो भीड़ बढ़ी, साथ ही नए बाजार भी बन गए। ये भी कमोबेश इन्हीं बाजारों की तरह अतिक्रमण का शिकार हुए और ये भी तंग होते गए। मगर, अग्निकांड से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड के इंतजाम में खास बढ़ोतरी नहीं हुई। अब भी इसी छोटे से इंतजाम से ही फायर ब्रिगेड आग पर काबू पाने का इंतजाम करती है।
दशकों से एक ही फायर स्टेशनI
शहर में दशकों से एक ही फायर स्टेशन गांधी रोड पर स्थित है। यहीं पर फायर ब्रिगेड की इन गाड़ियों का बेड़ा तैनात रहता है। यदि आग बल्लूपुर या प्रेमनगर की ओर लगती है तो मदद ओएनजीसी व सेना की फायर ब्रिगेड कर देती है। रायपुर क्षेत्र में लगी तो यहां मदद के लिए ऑर्डिनेंस के वाहन आ जाते हैं। राजपुर रोड क्षेत्र में गांधी रोड वाले फायर स्टेशन से ही गाड़ियां जाती हैं। मगर, सहारनपुर रोड के बहुत से बड़े हिस्से इस फायर ब्रिगेड से दूर होते जा रहे हैं। कभी शहर का फैलाव आईएसबीटी या इससे कुछ दूरी पर ही था, लेकिन अब आसपास में बहुत सी नई रिहाइश और बाजार बन गए हैं। गांधी रोड से यहां फायर ब्रिगेड के वाहनों को पहुंचने में बेहद देर हो जाती है।
शहर के लिए तीन फायर स्टेशन का प्रस्तावI
राजधानी में नए रिहाइशी इलाकों और भीड़ बढ़ने के मद्देनजर अब यहां पर नए फायर स्टेशन की भी कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए शहर के तीन हिस्सों में फायर स्टेशन खोलने पर विचार चल रहा है। चीफ फायर ऑफिसर वंश बहादुर ने बताया कि उन्होंने कुठालगेट, आईएसबीटी और प्रेमनगर में फायर स्टेशन खोलने का प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा है। इसके अलावा एक रायवाला में भी फायर स्टेशन खोलने की जरूरत है। कुछ छोटे और बड़े वाटर टेंडर की खरीद के लिए वर्ल्ड बैंक से बजट मिलने जा रहा है। इससे फायर ब्रिगेड का बेड़ा बड़ा होगा और भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी पहुंच आसानी से हो जाएगी।