गणपति बप्पा मोरिया की गूंज जल्द सुनाई देने वाली है। छह सितंबर से शुरू हो रहे गणेश महोत्सव के लिए शहर और बाजार सजने लगा है। जगह-जगह भगवान गणपति की मूर्ति को तैयार करने में लगे कारीगर बेहद खूबसूरती के साथ रंग भरने में जुटे हैं। इसी के साथ ही मंदिरों समेत विभिन्न स्थलों पर श्रीगणेश महोत्सवों की तैयारी चल रही है।
गणेश महोत्सव पर जानकारी देते हुए आचार्य डॉ. सुशांत राज ने बताया कि हिंदू धर्म में गणेश चतुर्थी के त्योहार का खास महत्व है। ये पर्व पूरे 10 दिनों तक बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी का त्योहार हर साल भाद्रपद माह के शुक्लपक्ष की चतुर्थी से शुरू होता है। गणेश उत्सव का पर्व महाराष्ट्र, गुजरात, ओडिशा, उत्तर प्रदेश में विशेष रूप से मनाया जाता है। इस दौरान विघ्नहर्ता भगवान गणेश की विधिवत पूजा की जाती है। ये पर्व विनायक चतुर्थी पर शुरू होता है और अनंत चतुर्थी पर समाप्त होता है। इस समय लोग अपने घर में बप्पा की मूर्ति स्थापित करते हैं और उनकी सच्चे मन से पूजा और भक्ति करते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल भाद्रपद माह के शुक्लपक्ष की चतुर्थी की शुरुआत 6 सितंबर को दोपहर 3 बजकर 1 मिनट पर होगी। वहीं इस तिथि का समापन 7 सितंबर को शाम 5 बजकर 37 मिनट पर होगा। ऐसे में उदय तिथि के अनुसार गणेश चतुर्थी का पर्व 7 सितंबर को मनाया जाएगा। इस साल गणेश जी की स्थापना के लिए सुबह 11 बजकर 3 मिनट से लेकर दोपहर के 1 बजकर 34 मिनट तक शुभ मुहूर्त रहेगा। इस दिन पूजा के लिए आपको पूरे 2 घंटे 31 मिनट का समय मिलेगा। इस साल अनंत चतुर्दशी का त्योहार 16 सितंबर 2024 को मनाई जाएगी। इस दिन बप्पा की विदाई की जाती है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से साधक को शुभ फल की प्राप्ति होती है। गणेश चतुर्थी का व्रत रखने से और गणेश जी की 10 दिन पूजा करने से सारे विघ्नों का नाश होता है। इसके साथ ही साधक की सारी मनोकामना पूरी होती है।