श्री कालिका माता समिति के तत्वावधान में कार्तिक मास में श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया गया। कालिका मंदिर में आयोजित कथा के पहले दिन वृंदावन से आए आचार्य देवेंद्र उपाध्याय ने भागवत को वेद पुराण उपनिषदों का सार बताया।
कहा कि जैसे जंगल में शेर की गर्जना सुनते ही सभी जीव-जंतु भाग जाते हैं वैसे ही श्रीमद्भागवत के श्लोक सुनते ही मनुष्य के शरीर से सारे पाप दूर हो जाते हैं। उन्होंने जरा वृंदावन चल के देखो श्याम बंसी बजाते मिलेंगे, बृज के नंदलाला राधा जी के सांवरिया सब दुख दूर हुए जब तेरा नाम लिया, श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी..., मैं तो बांके की बांकी..., आओ सखियां मुझे मेहंदी लगा दो...जैसे भजन गाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान ट्रस्टी गगन सेठी, रमेश साहनी, नरेश मैनी, अशोक लांभा, राम स्वरुप भाटिया, संजय आनंद, विजय अरोरा, तमेश्वर सूरी, संजीव शर्मा, गुलशन कक्कर, अनिरुद्ध गुप्ता, विजय अरोरा आदि मौजूद रहे।