वन प्रभाग के ब्रिटिश कालीन देवबन बंगले की मरम्मत में प्लाई बोर्ड और लोहे की एंगल का प्रयोग करने पर स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि मरम्मत के नाम पर बंगले का प्राचीन महत्व और सुंदरता को समाप्त किया जा रहा है।चकराता के प्राकृतिक सुंदरता से परिपूर्ण देवबन में 1886 में अंग्रेज अधिकारियों ने बंगले का निर्माण कराया था। इसको बनाने में प्रयोग किए गए पत्थर और लकड़ी पर की गई नक्काशी न सिर्फ लोगों का ध्यान खींचती थी, बल्कि यह प्राचीन कला का प्रतीक भी थी। अब बंगले की मरम्मत शुरू की गई है। इसमें लोहे के एंगल और प्लाई बोर्ड का प्रयोग किया जा रहा है। स्थानीय निवासी व पूर्व प्रधान सुरेश थपलियाल, भाजयुमो के मंडल अध्यक्ष जयवीर चौहान, टीकम सिंह चौहान, कुलदीप, अजीत सिंह का कहना है कि लोहे की एंगलों पर प्लाई बोर्ड लगाने से बंगले की नक्काशी छिप जाएगी। मरम्मत के नाम पर बंगले के प्राचीन महत्व व सुंदरता की पहचान को समाप्त कर देना उचित नहीं है। उन्होंने वन विभाग से बंगले के प्राचीन स्वरूप को बचाए रखने की मांग की है। उधर, चकराता के प्रभागीय वन अधिकारी अभिमन्यु सिंह ने बताया कि बंगले की मरम्मत मुख्यमंत्री के आदेश के अनुपालन में टूरिज्म सुविधा बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। स्थानीय लोगों की शिकायत का संज्ञान लेकर आवश्यक कदम उठाया जाएगा।