-मुख्यमंत्री ने वार्ता के लिए बुलाया, समस्या के निस्तारण का दिया आश्वासन, तब माने प्रदर्शनकारी
माई सिटी रिपोर्टर
देहरादून। 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण और चिह्नीकरण की मांग को लेकर राज्य आंदोलनकारियों ने सीएम आवास कूच किया। हालांकि, हाथीबड़कला चौकी के पास पुलिस ने आंदोलनकारियों को बैरिकेडिंग लगाकर रोक लिया। जिस पर आक्रोशित आंदोलनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच जमकर धक्कामुक्की और तीखी नोकझोंक भी हुई। इस दौरान कुछ आंदोलनकारी बेहोश भी हो गए।
इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आंदोलनकारियों को वार्ता के लिए सचिवालय बुलाया। जिस पर वह शांत हुए। मुख्यमंत्री ने आंदोलनकारियों के प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि क्षैतिज आरक्षण और चिह्नीकरण के लिए उचित कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों ने पिछले कई दिनों से चल रहे धरने को भी स्थगित कर दिया।
सोमवार को पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार संयुक्त राज्य आंदोलनकारी मंच के बैनर तले प्रदेशभर से आए आंदोलनकारी और विभिन्न संगठनों के लोग राजपुर रोड पर कृष्णा टावर के सामने एकत्रित हुए। वहां से धामी जी वादा निभाओ, आंदोलनकारियों की मांग पूरी करो जैसे नारों के साथ उन्होंने रैली निकालकर मुख्यमंत्री आवास कूच किया। हाथीबड़कला चौकी के पास पुलिस के रोकने पर वह वहीं धरने पर बैठ गए।
इस दौरान आंदोलनकारियों ने कहा कि सरकार उन्हें पिछले 23 सालों से गुमराह कर रही है। आज तक उन्हें चिह्नीकरण की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन करना पड़ रहा है। कहा कि जल्द ही सरकार ने आरक्षण के लिए अध्यादेश नहीं लाया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान माक्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और राष्ट्रीय उत्तराखंड पार्टी ने भी आंदोलनकारियों का समर्थन किया।
इस मौके पर मुन्नी खंडूरी, वेद प्रकाश शर्मा, प्रदीप कुकरेती, डीएस गुसाईं, क्रांति कुकरेती, अंबुज शर्मा, वीरेन बजेठा, उर्मिला शर्मा, विक्रम भंडारी, जगमोहन नेगी, वीरेंद्र पोखरियाल, धर्मेंद्र बिष्ट, शिवकुमार, सरोज कुमारी, मनोज कश्यप, लाखन, हेम पाठक, नवीन नैथानी, लाल सिंह भंडारी, रामलाल खंडूरी आदि मौजूद रहे।