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Iदून-ऋषिकेश में पार्किंग के प्रस्ताव को हरी झंडी मिली, जाम से मिलेगी निजातI
मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की 109वीं बोर्ड बैठक गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान शेल्टर फंड से गरीबों को आवास बनाकर दिए जाने के शासनादेश को स्वीकार कर लिया गया। साथ ही दून और ऋषिकेश में पार्किंग के प्रस्तावों को भी हरी झंडी दी गई। इससे जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं, एमडीडीए दून विश्वविद्यालय को आधारभूत सुविधाएं विकसित करने के लिए दो करोड़ की धनराशि प्रदान करेगा।
एमडीडीए कार्यालय के सभागार में मंगलवार को आयोजित बोर्ड बैठक में प्राधिकरण उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय का बुके भेंटकर स्वागत किया। इस दौरान कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई। बैठक में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव के अंतर्गत गरीब लोगों को आवास बनाकर दिए जाने संबंधी पूर्व में हुए शासनादेश को प्राधिकरण ने स्वीकार कर लिया। इससे अब इकनोमिक वीकर सेक्शन (ईडब्ल्यूएस) के लोगों के लिए शेल्टर फंड से मकान बनाने का रास्ता साफ हो गया है। यह शेल्टर फंड बिल्डर्स की ओर से गरीब वर्ग के लिए बनाए जाने वाले घरों के एवज में प्राधिकरण को जमा कराए जाने वाली धनराशि है। अब बोर्ड में शासनादेश स्वीकार कर लिए जाने के बाद प्राधिकरण इस फंड से गरीबों के लिए मकान बनाएगा, जिसे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों को दिया जा सकेगा।
इसके अलावा पार्किंग के प्रस्तावों को पास कर दिया गया। इसके तहत देहरादून तहसील परिसर एवं ऋषिकेश में पार्किंग निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई है। इनके निर्माण से दोनों स्थानों पर पार्किंग की समस्या काफी हद तक दूर हो सकेगी। इसके अतिरिक्त बोर्ड बैठक में आमवाला तरला में निर्माणाधीन आवासीय परियोजना के संशोधित बजट प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस योजना की कुल लागत 102 करोड़ रुपये है। प्राधिकरण हुडको से इसके लिए 50 करोड़ का ऋण लेगा।
बैठक में बोर्ड ने विकासनगर, ढकरानी एवं शाहपुर कल्याणपुर में लैंड बैंक बनाने के प्रस्ताव को भी पास किया। इसके अलावा होटल, हॉस्टल, स्कूल आदि के 66 प्रकरणों को भी रखा गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि दून विश्वविद्यालय में एमएससी अर्बन प्लानिंग एंड मैनेजमेंट का कोर्स संचालित किया जाएगा, जिसके लिए आधारभूत सुविधाओं को विकसित करने के लिए प्राधिकरण दो करोड़ रुपये दून यूनिवर्सिटी को प्रदान करेगा। बैठक में बोर्ड पदाधिकारियों के साथ ही शासन, प्रशासन, नगर निगम, प्राधिकरण, ग्राम एवं नगर नियोजक आदि के अधिकारी मौजूद रहे।