ठक-ठक गिरोह के सदस्यों ने एक व्यक्ति की कार से 16 मई को मोबाइल उड़ा लिया था। व्यक्ति ने अगले दिन इसकी तहरीर भी दी। लेकिन पुलिस ने अब 21 दिन बाद मुदकमा दर्ज किया है। पिछले दिनों ठक-ठक गिरोह के सदस्यों ने एक के बाद एक कई वारदातों को अंजाम दिया था। इसके बाद पुलिस ने वारदातों का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार भी किया था।
पीड़ित राकेश सकलानी के मुताबिक 16 मई की शाम वह दफ्तर से घर की तरफ लौट रहे थे। उनकी कार जब बल्लूपुर चौक के पास ट्रैफिक सिग्नल पर रुकी तो एक व्यक्ति ने उनकी कार का शीशा खटखटाया और शीशा नीचे करने के लिए कहा। उन्होंने सोचा कि शायद उनसे कुछ कहना चाह रहा है। शीशा नीचे करते ही वह उससे बात करने लगे। राकेश सकलानी ने बताया कि दूसरी तरफ का शीशा नीचे था और दूसरे व्यक्ति ने शीशे से अंदर आने की कोशिश की। तभी पीछे से हॉर्न की आवाज आने लगी और उन्होंने कार आगे बढ़ा दी।
कुछ देर बाद उन्होंने देखा तो कार से उनका मोबाइल गायब है। उन्होंने आसपास के सब्जी वालों से पूछा तो पता चला कि ये दोनों युवक कैंट की ओर गए हैं। उन्होंने कैंट थाने में घटना के तत्काल बाद शिकायत की। लेकिन, पुलिस ने लिखित शिकायत अगले दिन देने के लिए कहा। 17 मई को थाने में लिखित तहरीर दी और रिसीविंग भी ले ली। लेकिन मुकदमा अब छह जून यानी सोमवार को दर्ज किया गया है। इंस्पेक्टर कैंट संपूर्णानंद गैरोला ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।