तापमान में चार डिग्री की कमी आई है। लेकिन, तापमान गिरने के बाद भी लोगों को गर्मी और पसीने से तर बतर कर देने वाली उमस से राहत नहीं मिल पाई। बिना कूलर और एसी चलाए लोग घरों और कार्यालयों में नहीं बैठ पा रहे हैं। घर से बाहर निकलते समय चिलचिलाती धूप से बचने के लिए महिलाएं और बच्चे छाते का सहारा ले रहे हैं। शाम को तापमान में कम हुआ। लेकिन, गर्मी और उमस बनी रही।
मंगलवार को विकासनगर, हरबर्टपुर, सहसपुर और सेलाकुई में अधिकतम तापमान 34 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि, बीते सोमवार को तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। तापमान चार डिग्री लुढ़कने के बाद भी गर्मी और उमस से लोगों का पीछा नहीं छूट पाया। गर्मी और उमस के चलते बाजारों मे लोग खरीददारी के लिए कम निकले। स्कूल से लौटते समय बच्चे और अभिभावक तेज धूप के चलते पसीने से तर बतर हो गए। छाते चिलचिलाती धूप से बचाव तो कर रहे थे। लेकिन, उमस परेशान कर रही थी।
बीते सप्ताह बारिश के बीच ठंड बढ़ने से लोगों ने घरों में फ्रिज में पानी रखना बंद कर दिया था। लेकिन, गर्मी से बेहाल होने के चलते उन्हें फिर से फ्रिज में ठंडा पानी रखना पड़ा। घरों में दिनभर कूलर और एसी चलते रहे। बच्चे भी अभिभावकों से ठंडा पानी और शीतल पेय पदार्थ पीने की जिद करते रहे।
उप जिला अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केएस चौहान ने बताया कि बदलते मौसम में ठंडा पानी पीने से लोग बीमार पड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि लोगों और खासकर बच्चों को सामान्य तापमान का पानी ही पीना चाहिए। रात 9.00 बजे अधिकतम तापमान 28 डिग्री दर्ज किया गया। लेकिन, गर्मी और उमस का असर बना रहा।