दून में रिश्वत देने का एक गजब का मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति ने तहसील दिवस में सुनवाई के दौरान ही बीच सभा में तहसीलदार को पैसों से भरा लिफाफा थमा दिया। आरोपी अपने किसी करीबी के जमीन से संबंधित मामले का निस्तारण करवाना चाहता था। यह नजारा देख लेखपाल भड़क गए और आरोपी को पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मंगलवार दिन में करीब 12 बजे तहसील देहरादून में जनसुनवाई हो रही थी। कतार में लगे फरियादी अपने शिकायती पत्र अफसरों को दे रहे थे। इसी दौरान कारगी ग्रांट का रहने वाला गुल मोहम्मद तहसीलदार के पास आया और अपने करीबी देवेंद्र निवासी मियांवाला की जमीन के मामले के निस्तारण की मांग करते हुए प्रार्थनापत्र के साथ एक लिफाफा उन्हें थमा दिया। तहसीलदार दस्तावेजों की जांच कर रहे थे, तभी उनकी नजर लिफाफे पर पड़ी और उसमें देखा तो 17,500 रुपये रखे हुए थे। तहसीलदार ने आसपास बैठे अधिकारियों को यह बात बताई। जिस पर लेखपालों ने आरोपी गुल मोहम्मद को पकड़ लिया।
आरोपी ने पहले तो कहा कि यह रकम उसने गलती से दे दी लेकिन बाद में रिश्वत देने की बात स्वीकार कर ली। तहसीलदार सदर ने नगर कोतवाली में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
-
यह था मामला
तहसीलदार के अनुसार गुल मोहम्मद ने बताया कि उसके करीबी देवेंद्र का कहना है कि उसकी जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है। इसलिए वह जमीन का सीमांकन कराना चाहता है। हालांकि, मामले की जांच की गई तो पता चला कि जिलाधिकारी के निर्देश पर पहले ही इसका निस्तारण किया जा चुका है। लेखपालों ने बताया कि इस प्रकरण की जांच पहले भी की जा चुकी है।
-
मैं प्रार्थनापत्रों के निस्तारण में लगा था। तभी अचानक आरोपी युवक ने रिश्वत देने का प्रसास किया। जैसे ही मुझे आभास हुआ मैने इसे सार्वजनिक करते हुए आरोपी को पकड़वाया।
-मो. शादाब, तहसीलदार सदर