कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में बृहस्पतिवार को 14 साल पांच माह की नाबालिग का विवाह कराए जाने की सूचना पर समर्पण सोसाइटी, बाल विकास विभाग, चाइल्ड हेल्पलाइन और पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर विवाह रुकवा दिया।बताया गया कि हरियाणा से बारात भी निकल चुकी थी। टीम को देखकर बालिका के माता-पिता और परिजनों के हाथ-पांव फूल गए। समर्पण सोसाइटी के समन्वयक अनिल गुलेरिया ने बताया कि टीम को मुस्लिम परिवार में नाबालिग के विवाह की सूचना मिली थी।टीम जब घर पहुंची तो परिजनों और रिश्तेदारों ने बताया कि बालिका की केवल सगाई की जा रही है, लेकिन मौके की स्थिति और तैयारियों से विवाह कराए जाने की पुष्टि हुई। बालिका नाबालिग पाई गई। इसके बाद टीम बालिका और उसके परिवार को बाल विकास विभाग के कार्यालय ले आई। वहां अभिभावकों से शपथपत्र भरवाया गया कि 18 वर्ष की आयु पूरी होने से पहले बालिका का विवाह नहीं किया जाएगा।उन्हें ऐसा करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। उन्होंने बताया कि बालिका को शुक्रवार को खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के लिए तैयार किया गया है। इसके बाद उसका दोबारा विद्यालय में दाखिला कराया जाएगा। कार्रवाई में बाल विकास परियोजना अधिकारी अंजू बडोला, समर्पण सोसाइटी की साक्षी पंवार, चाइल्ड हेल्पलाइन के सचिन राणा और प्रदीप राणा, उपनिरीक्षक रूबी और महेंद्र सिंह शामिल रहे।