जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष सैन सिंह नेगी का कहना है कि उच्चीकृत हाईस्कूलों को शिक्षा विभाग से कोई धनराशि नहीं मिल रही है। विद्यालयों में खेल गतिविधियां शून्य हैं। ब्लैक बोर्ड, टाट पट्टी और अन्य शिक्षण सामग्री भी संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्य अपने वेतन से खरीद रहे हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग उच्चीकृत विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है। इस संबंध में कई बार शिक्षा अधिकारियों से वार्ता की गई, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
इधर, मुख्य शिक्षा अधिकारी ललित मोहन चमोला का कहना है कि एक ही परिसर में संचालित हो रहे उच्चीकृत जूनियर हाईस्कूलों को हाईस्कूल के अधीन संचालित करने की व्यवस्था की गई है, लेकिन उच्चीकृत विद्यालय अलग अनुदान की मांग कर रहे हैं, जो कि संभव नहीं है।