फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छात्रा से करता था छेड़खानी और दिखाता था अश्लील वीडियो, अब आखिरी सांस तक जेल में कटेगी जिंदगी

Wed, 17 Oct 2018 08:50 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, अल्मोड़ा
विज्ञापन
jail
विज्ञापन

चौथी कक्षा की छात्रा के साथ टीचर ने ऐसी हरकतें की कि अब पूरी जिंदगी जेल में बीतेगी। विशेष सत्र न्यायाधीश डा. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने लैंगिग अपराध के मामले में लमगड़़ा इलाके के एक स्कूल के शिक्षक मुकेश कुमार सहगल पुत्र कुबाड़ी निवासी बिंदुखंड थाना झबरैड़ा (हरिद्वार) को आजीवन कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।

विज्ञापन


आरोपी शिक्षक अंतिम सांस तक जेल में ही रहेगा। न्यायालय ने जेलर और जेल अधीक्षक को आदेशित किया है कि यदि आरोपी सजा कम करने के लिए आवेदन करे तो उसमें कोई अनुशंसा नहीं करेंगे।

मामले की सह अभियुक्त प्रधानाध्यापिका दया शैलाकोटी को दो साल की सजा और 21 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड की संपूर्ण धनराशि पीड़िता को दिए जाने के आदेश दिए। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। 
विज्ञापन


लमगड़ा ब्लाक के अंतर्गत एक स्कूल में चौथी कक्षा में पढ़ने वाली बच्ची के साथ वहां कार्यरत शिक्षक मुकेश कुमार सहगल छेड़खानी करता था। करीब चार माह पहले पीड़ित बच्ची ने अपनी माता को बताया कि आरोपी शिक्षक उसके साथ छेड़ाखानी और गलत हरकत करता है।

विज्ञापन

बच्ची को अश्लील वीडियो भी दिखाता था। शिक्षिका दया शैलाकोटी ने भी बच्ची से हो रहे इस व्यवहार को उजागर नहीं किया। बल्कि बच्ची को धमकी दी कि ऐसी बातें किसी को बताई तो बिच्छू (घास) लगाकर स्कूल से निकाल दिया जाएगा। इस मामले में पीड़िता के ताऊ ने लमगड़ा थाने में मामला दर्ज कराया था। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता गिरीश चंद्र फुलारा, सहायक शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) शेखर चंद्र नैलवाल और विशेष लोक अभियोजक भूपेंद्र कुमार जोशी ने मामले की पैरवी की।

निर्भया प्रकोष्ठ की अधिवक्ता अभिलाषा तिवारी ने भी सहयोग किया। मामले की सुनवाई के बाद विशेष  सत्र न्यायाधीश डा. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने आरोपी शिक्षक मुकेश कुमार सहगल को दोषी पाया, जबकि शिक्षिका दया शैलाकोटी पत्नी दीप चंद्र निवासी गोलनाकरड़िया तहसील अल्मोड़ा को धारा 323, 504 और 21 (ए) पोक्सो एक्ट में दोषी पाया। न्यायालय ने राज्य सरकार को पीड़िता के सामाजिक और आर्थिक पुनर्वास के लिए सात लाख रुपये दिए जाने के आदेश पारित किए और कहा कि यदि पूर्व में पीड़िता को कोई धनराशि दी गई है तो वह इसमें से समायोजित की जाएगी।  

दोषी नंबर 1- मुकेश कुमार सहगल 
कोर्ट ने धारा 376(2) में आजीवन कारावास, 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई और कहा कि आरोपी अंतिम सांस तक जेल में रहेगा। धारा 67 (ए) आईटी एक्ट में पांच साल की कठोर सजा और 50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। 

दोषी नंबर 2- प्रधानाध्यापिका दया शैलाकोटी 
कोर्ट ने धारा 323 में एक साल की सजा और एक हजार रुपये अर्थदंड, धारा 504 में दो साल की सजा और 10 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 21 (2) पॉक्सो एक्ट में एक साल की सजा और दस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें