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Iआरटीओ ने 10 सितंबर तक कंपनियों पर बड़ी कार्रवाई का दिया आश्वासनI
परिवहन विभाग से लाइसेंस लिए बगैर ऑनलाइन एप के जरिये टैक्सियों की बुकिंग कर रही कंपनियों के विरोध में दून के टैक्सी-ऑटो संचालकों ने विरोध-प्रदर्शन किया। परिवहन कार्यालय पहुंचकर टैक्सी-ऑटो स्वामियों ने धरना भी दिया। आरटीओ सुनील शर्मा ने प्राइवेट एप से बुकिंग करने वाली कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। कहा, 10 सितंबर से पहले बड़ी कार्रवाई की जाएगी और वाहनों को सीज किया जाएगा।
दून ऑटो-रिक्शा और दून टैक्सी यूनियन की ओर से मंगलवार को ऑनलाइन एप से टैक्सी बुकिंग करने वाली कंपनियों के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया गया। सुबह नौ बजे ऑटो-टैक्सी संचालक आरटीओ कार्यालय पर जुटने लगे। 10 बजे तक काफी संख्या में लोग जुट गए। सभी ने देहरादून शहर के अंदर ऑनलाइन एप के जरिए टैक्सी-ऑटो की बुकिंग पर रोक लगाने की मांग की। कहा, देहरादून में जिन एप से वाहनों की बुकिंग की जा रही है किसी के पास राज्य में वाहन की बुकिंग करने के लिए पंजीकरण नहीं है।
यह कंपनियां पहले राज्य में पंजीकरण कराएं, इसके बाद ही बुकिंग लें। वाहन स्वामियों ने आरटीओ दफ्तर पर प्रदर्शन कर धरना भी दिया। शाम तक धरने पर बैठे संचालकों ने आरटीओ सुनील शर्मा को ज्ञापन सौंपा। कहा, जल्द बाइक-ऑटो-टैक्सी एप संचालन कंपनियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र प्रदर्शन करेंगे। ऑटो-टैक्सी संचालकों के धरने-प्रदर्शन से शहर पर खासा असर नहीं रहा। विक्रम और सिटी बसों समेत तमाम ऑटो-टैक्सियों का संचालन होता रहा। इससे यात्रियों को कोई खास दिक्कत नहीं हुई।
Iबाइक की बुकिंग से ऑटो का धंधा चौपटI
दून टैक्सी एसोसिएशन के सलमान ने बताया, सबसे बड़ा नुकसान बाइक बुकिंग करने वाली कंपनियां कर रही हैं। शहर के अंदर चलने वाली सवारियां टैक्सी से बाइक में शिफ्ट हो गई हैं। एप बिना रजिस्ट्रेशन के चलाए जा रहे हैं। बाइकें भी बगैर व्यावसायिक पंजीकरण के चल रही हैं। इससे राजस्व का नुकसान हो रहा है। टैक्सी संचालक टैक्स देने के बाद भी नुकसान झेल रहे हैं। एप के जरिए शहर के अंदर बाइक बुक करने वाली कंपनियों का संचालन रोका जाए। बाइकों के कारण ऑटो की बुकिंग भी प्रभावित हो रही है।
Iलाइसेंस नहीं लेनी वाली कंपनियों के वाहन होंगे सीजI
आरटीओ सुनील शर्मा ने कहा, टिकट बुकिंग एप या वेबसाइट संचालक कंपनियों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। इन्हें उत्तराखंड सरकार से लाइसेंस लेने के लिए कहा जा रहा है। अगर कंपनियां लाइसेंस नहीं लेंगी तो टिकट बुकिंग को प्रतिबंधित किया जाएगा। यात्रियों का सफर रोका जाएगा। बसों, टैक्सी व बाइक-स्कूटी को सीज किया जाएगा।
Iदुर्घटना पर बीमा क्लेम में नहीं मिल सकता है लाभI
निजी वाहनों में यात्रियों को सफर की सुविधा दिलाने का दावा करने वाले एप में सबसे बड़ा खतरा यात्रियों की सुरक्षा का है। इन कंपनियों में अधिकांश निजी वाहन बुकिंग पर चल रहे हैं। ऐसे में अगर वाहन से दुर्घटना हुई तो यात्री को बीमा क्लेम का लाभ नहीं मिल सकता। इसलिए भी कंपनियों के पंजीकरण की जरूरत है।