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हर आदमी के जीवन की कहानी है 'मेरा कमरा'

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माई सिटी रिपोर्टर देहरादून। धरातल सत्ता की ओर से मेरा कमरा किताब पर ऑनलाइन परिचर्चा की गई, जिसमें कई वरिष्ठ लेखक शामिल हुए। वक्ताओं ने कहा कि किताब के लेख और संस्मरण आम आदमी से जुड़े हुए हैं। यह किताब आम आदमी की जीवन की कहानी कहती है। परिचर्चा के संयोजक डॉ अतुल शर्मा ने बताया कि किताब में संस्मरण और लेखों को संग्रहित किया गया है, जिसका संपादन प्रबोध उनियाल ने किया है। उन्होंने कहा कि पुस्तक में 40 जाने-माने लेखकों को जगह दी गई है। ऋषिकेश के कवि शिव प्रसाद बहुगुणा ने कहा कि सभी लेखकों के अपने कमरों से जुड़े अनुभव किताब के जरिए पाठकों तक पहुंचते हैं। एक कमरा कैसे आपके जीवन का अभिन्न अंग बन जाता है, इसको किताब के जरिए समझा जा सकता है। ऋषिकेश के अध्यापक डॉ सुनील दत्त थपलियाल ने ललित मोहन रयाल के लेख और सुरेश उनियाल के संस्मरण को रोचक बताया। साथ ही जगमोहन रौतेला के लेख का भी जिक्र किया। टिहरी के अनन्य रंजन ने कहा कि पुस्तक में शिवप्रसाद जोशी और रंजना शर्मा के लेख एक अलग विधा का एहसास कराते हैं। मसूरी की प्रेरणा सेमवाल ने बताया कि किताब को पढ़ने के बाद उनको एहसास हुआ कि कमरा कैसे बहुआयामी होता है। रोशनी उनियाल और गंभीर सिंह पालनी के लेख की उन्होंने विशेष सराहना की। डॉ अतुल शर्मा ने बताया कि काव्यांश प्रकाशन ने किताब को छापा है और लॉकडाउन में इसका आना किसी आश्चर्य से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि साहित्य जगत में इस किताब पर चर्चा हो रही है।
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