बाल गृहों में कोरोना की रोकथाम को उठाए कदम - स्टाफ के घर जाने पर रोक रहेगी बरकरार, नारी निकेतन में संवासिनियों को दिया जाने वाला प्रशिक्षण भी रोका - नई संवासिनी को 7 दिन क्वारन्टीन रखने के बाद मिलेगा प्रवेश, कानपुर के राजकीय बल गृह की घटना से भी विभाग सतर्क माई सिटी रिपोर्टर देहरादून। राजकीय बाल एवं संवासिनी गृहों में कोरोना की रोकथाम एवं बचाव को लेकर विभाग खासा सतर्क नजर आ रहा है। विभाग ने सुरक्षा व अन्य स्टाफकर्मियों के घर जाने पर रोक को बरकरार रखा है। कर्मियों के रहने के लिए परिसर में ही इंतजाम किए गए हैं। यह व्यवस्था कर्मियों पर 15-15 दिन तक लागू रहेगी। वहीं, नारी निकेतन में संवासिनियों को दिए जाने वाले हस्तशिल्प व अन्य कौशल विकास से जुड़े प्रशिक्षण को भी रोका गया है। परिसर में बाहर से आने वाले व्यक्तियों के प्रवेश पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया है। निदेशक मेजर योगेंद्र यादव ने कहा कि देहरादून के शिशु निकेतन, बालिका निकेतन व नारी निकेतन में स्थिति सामान्य है। लेकिन, विभाग ने भवन को संक्रमण से मुक्त रखने की दिशा में भी समय-समय पर महत्वपूर्ण कदम उठाता रहता है। बच्चों व संवासिनियों का सुबह-शाम टेम्प्रेचर मापा जाता है। कोरोना से जुड़े कोई भी लक्षण पर नजर रखी जाती है। बता दें कि उत्तर प्रदेश के कानपुर में राजकीय बालिका गृह में कोरोना संक्रमण फैला है। इस घटना के सामने आने के बाद देहरादून के अधिकारी भी चौकस हो गए हैं। ----- नई संवासिनी को 7 दिन क्वारन्टीन के बाद प्रवेश:: मेजर योगेंद्र यादव के अनुसार, अगर नारी निकेतन में कोर्ट के आदेश पर नई संवासिनी को भेजा जाता है तो उन्हें पहले परिसर में ही सात दिन के क्वारन्टीन में रखा जाता है। उनमें कोई लक्षण न पाए जाने की स्थिति में उन्हें प्रवेश दिया जाता है। ताकि, अन्य संवासिनियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।