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Dehradun News: दिसंबर से अब तक 70 मरीजों में हो चुकी स्वाइन फ्लू की पुष्टि

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घर में अगर कोई एक व्यक्ति सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार से परेशान हैं और मरीज के ठीक होने से पहले ही घर का अन्य व्यक्ति भी संक्रमित हो जाता है। ऐसे में व्यक्ति की जांच जरूर करवानी चाहिए। मरीज स्वाइन फ्लू (एच1एन1) पॉजिटिव भी हो सकता है।

यह संक्रमण एक से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। दून मेडिकल कॉलेज, अस्पताल की रिपोर्ट के मुताबिक दिसंबर से अब तक स्वाइन फ्लू के करीब 70 मरीज पॉजिटिव आ चुके हैं। अस्पताल के मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अंकुर पांडेय ने बताया कि दिसंबर से अब तक स्वाइन फ्लू के करीब 30 बच्चे बाल रोग विभाग में और 40 मरीज मेडिसिन विभाग में एच1एन1 पॉजिटिव आ चुके हैं। हालांकि, सभी मरीजों को भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ी।
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कुछ मरीज ऐसे थे, जिनमें सामान्य लक्षण होने के बाद भी वह स्वाइन फ्लू पॉजिटिव थे। कुछ मरीजों को अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में इलाज दिया गया और कुछ मरीज अपने घर पर ही आइसोलेट हुए।

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पहले से बीमार मरीजों को होती है अधिक समस्या

गांधी शताब्दी अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. प्रवीण पंवार ने बताया कि इन दिनों जो फ्लू हो रहा है, इसमें एच1एन1 (स्वाइन फ्लू) के मरीज मिल रहे हैं। एक बार बीमार होने के बाद मरीजों की खांसी और सर्दी ठीक नहीं हो पा रही है तो जांच करवाना चाहिए। ऐसे मरीजों में सर्दी-खांसी की समस्या गंभीर हो जाती है, सांस फूलने लगती है। बच्चों की पसलियां चलने लगती हैं। इसके अलावा गंभीर समस्या उन मरीजों को होती है, जिनको पहले से कोई बीमारी होती है या इम्युनिटी कमजोर होती है। ऐसे में समस्या बढ़ने पर मरीज को भर्ती कर इलाज किया जाता है।





संक्रमितों को आइसोलेट कर दिया जाता है इलाज



डॉ. अंकुर अग्रवाल ने बताया कि अस्पताल में नौ बेड का आईसीयू (कोविड/इन्फ्लुएंजा) और 20 बेड का आइसोलेशन (सामान्य) वार्ड बना है। संक्रमित मरीजों को यहां आइसोलेट कर इलाज दिया जाता है। इसके अलावा जिन मरीजों को भर्ती करने की जरूरत नहीं होती है, उनको घर पर ही आइसोलेट रहने की सलाह दी जाती है। समय पर इलाज नहीं मिलने पर जान जोखिम में पड़ सकती है।
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घर पर ही न करें इलाज

दून मेडिकल कॉलेज, अस्पताल के बाल रोग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि बच्चों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। बदलते मौसम में बच्चे अधिक बीमार होते हैं। इसके अलावा इन दिनों फ्लू का सीजन चल रहा है, इसलिए घर पर ही इलाज न करें। डॉक्टर को जरूर दिखाएं।



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लक्षण



- तेज बुखार

- बदन दर्द



- खांसी

- जुकाम



- सिर दर्द

- सांस की समस्या



- गले में दर्द





इन बातों का रखें ध्यान

- स्वाइन फ्लू पॉजिटिव आने पर खुद को आइसोलेट करें।



- खांसी या छींक आने पर मुंह पर रुमाल रखें या मास्क लगाकर रखें।

- घर के अन्य सदस्यों के संपर्क में कम आएं।



- डॉक्टर की सलाह के बिना दवा न लें।

- ठंडी चीजों का सेवन न करें।



- रात को एसी या फुल स्पीड में पंखा न चलाएं।

- आइसक्रीम, बर्फ या फ्रिज के पानी का सेवन न करें।



- गुनगुने पानी का सेवन करें।

- अधिक तला भुना और मसालेदार भोजन न करें।
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