स्वामी श्रद्धानंद बलिदान स्मृति दिवस को नशामुक्ति संकल्प के साथ मनाया गया। वक्ताओं ने स्वामी जी के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही शराब बंदी और नशामुक्ति आंदोलन का आह्वान किया।
शनिवार को वैदिक साधन आश्रम तपोवन, नालापानी में आर्य उप प्रतिनिधि सभा, आर्य समाज और अन्य सहयोगी संस्थाओं ने स्वामी श्रद्धानंद के बलिदान स्मृति दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया।
विधायक उमेश शर्मा काऊ ने कहा कि स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती भारत के शिक्षाविद, स्वतंत्रता सेनानी और संन्यासी थे। उन्होंने दयानंद सरस्वती की शिक्षाओं को प्रचार किया। गुरुकुल कांगड़ी विवि और अनेक शैक्षणिक संस्थाओं का निर्माण कराया। 1920 के दशक में शुद्धि आंदोलन चलाने में उनकी अहम भूमिका रही। स्वामी जी शराबबंदी के प्रबल समर्थक थे। कार्यक्रम को डॉ. धनंजय, डॉ. नवदीप कुमार, अनुज शास्त्री व स्वर्णा आर्या ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम के पश्चात जिलाधिकारी के माध्यम से शराबबंदी और पूर्ण नशामुक्त प्रदेश बनाने के लिए एक ज्ञापन मुख्यमंत्री को भेजा गया। इस दौरान जितेंद्र सिंह तोमर, रमेश भारती,नरेंद्र कुमार, ओमप्रकाश मलिक,अरविंद शर्मा आदि के साथ ही महिलाएं,छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।