24 केन्द्रीय मंत्री हरदीप सिंह को रूदाक्ष का पौधा भेंट करते स्वामी चिदानंद सरस्वती।
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परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने आवास और शहरी मामलों के केन्द्रीय मंत्री एवं पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से मुलाकाकत की। स्वामी ने केन्द्रीय मंत्री को रूद्राक्ष का पौधा भेंट कर उन्हें परमार्थ गंगा आरती में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। इस दौरानस्वामी ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, इंडस्टियल वेस्ट मैनेजमेंट, बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट इन तीनों वेस्ट को एक ही तकनीक से मैनेज करने पर चर्चा की। स्वामी ने कहा कि इससे ऊर्जा की खपत कम होगी, ईंधन की बचत होगी, संसाधन बचेंगे तथा अलग-अलग प्लांट लगाने का खर्च भी बचेगा। इस तरह की तकनीक से पूरे देश के कचरे का समाधान होगा। इससे मिट्टी, जल, वायु आदि का प्रदूषण भी कम होगा, ग्लोबल वार्मिग की मात्रा में भी कमी आएगी, बिजली उत्पादन ज्यादा तथा सीएनजी गैस का उत्पादन भी अधिक होगा तथा अन्य भी कई लाभ प्राप्त होंगे। कहा बढ़ती जनसंख्या और शहरीकरण के कारण देश में अपशिष्ट प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। कचरे की मात्रा वर्ष 2030 तक वर्तमान 62 मिलियन टन से बढ़कर लगभग 150 मिलियन टन होने का अनुमान है। बढ़ते शहरीकरण और उसके प्रभाव से निरंतर बदलती जीवनशैली ने आधुनिक समाज और सरकार के सामने अपशिष्ट के उचित प्रबंधन की एक गंभीर चुनौती उत्पन्न की है। वर्ष-दर-वर्ष न केवल अपशिष्ट की मात्रा में बढ़ोतरी हो रही है, बल्कि प्लास्टिक और पैकेजिंग सामग्री के कारण भी ठोस अपशिष्ट के स्वरूप में भी बदलाव नजर आ रहा है। ऐसे में हमें बेहतर तकनीक पर चिंतन करना होगा।