देहरादून। गढ़ी कैंट स्थित गोरखाली सुधार सभा में चल रही श्रीमद्भागवत कथा का बुधवार को समापन हो गया। यहां भजन-कीर्तन में भजनों की प्रस्तुति दी गई। कथाव्यास नारायण प्रसाद आचार्य ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें प्रेम, करुणा, मित्रता, कर्तव्य और धर्म की रक्षा का संदेश देता है। जीवन में चाहे कितनी भी कठिन परिस्थितियां क्यों न आएं, यदि मनुष्य भगवान पर विश्वास रखकर धर्म के मार्ग पर चलता है तो उसे अवश्य सफलता और शांति प्राप्त होती है। कथा के बाद भंडारे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सभा के केंद्रीय अध्यक्ष पदम सिंह थापा, पंडित मधुसूदन ज्ञवाली, दुर्गेश गौतम, हरिहर गौतम आदि मौजूद रहे।